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राम मंदिर आंदोलन के दौरान दो बार जेल गए थे अरुण व रामप्रकाश

राम मंदिर आंदोलन के दौरान दो बार जेल गए थे अरुण व रामप्रकाश
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 03:00 AM (IST) Author: Jagran

जेएनएन, मेरठ। राम मंदिर निर्माण का सपना आज साकार हो रहा है। पर लाखों राम भक्तों ने इसके लिए संघर्ष किया है। शहर के प्रमुख व्यापारी नेता और आरएसएस से लंबे समय जुड़े रहे अरुण वशिष्ठ ने बताया कि 1989 से 92 तक राममंदिर के लिए आंदोलन पीक पर था। उस दौरान अयोध्या जा रहे जत्थे को जिसमें वह भी शामिल थे। गिरफ्तार कर लिया गया था। 22 दिन तक मुजफ्फरनगर जेल में रखा गया। इसके बाद जब विवादित ढांचे का विध्वंस हो गया तो सात दिसंबर को पुलिस उन्हें उनके दुकान से गिरफ्तार कर ले गई। इस बार मेरठ जेल भेजा गया और वह 24 दिनों तक बंद रहे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर जन जन का सपना था जो पूरा हो रहा है। ऐसे में प्रशासन को भी लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए। शांति पूर्वक भगवान राम के मंदिर निर्माण की खुशी से इजहार से नहीं रोका जाना चाहिए।

राम जी प्रतिष्ठा होने तक चलता रहेगा हनुमान जी का जाप

अयोध्या के मूल निवासी और शहर के प्रसिद्ध कथा वाचक डा. राम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि राम भक्त हनुमान जी की कृपा है जो आज हम मंदिर निर्माण होता हुआ देख रहे हैं। बताया कि अयोध्या के सुग्रीव किला के महान संत स्वामी विश्वेस प्रपन्नाचार्य महाराज की प्रेरणा से वह खुद हनुमान जी के नाम की दो मालाएं रोज जपते हैं। डा. रामप्रकाश ने बताया कि भागवत और राम की वह 125 से अधिक कथाएं कर चुके हैं। कथा के माध्यम से भक्तों को भी प्रेरित करते हैं कि अगर अयोध्या में राम मंदिर बनाना चाहते हो हनुमान जी से रोज प्रार्थना करो। उनका जाप मंदिर पूरा हो जाने और भगवान राम की मूíत की प्राणप्रतिष्ठा होने तक जारी रहेगा।

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