मेरठ में आक्रोशित भीड़ ने थाना घेरा, प्रदर्शन और नारेबाजी, युवक की मौत पर फूटा गुस्‍सा जानें-पूरा मामला

मेरठ में युवक की मौत के बाद भीड़ ने किया थाने का घेराव, नारेबाजी के साथ प्रदर्शन।
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 01:31 PM (IST) Author: Prem Bhatt

मेरठ, जेएनएन। मेरठ में बीते 22 सितंबर को कंकरखेड़ा के युवक प्रिंस पर चार युवकों ने जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हमलावरों से बचकर भागने के दौरान प्रिंस की बाइक डिवाइडर से टकरा गई और वो डिवाइडर से टकराकर कोमा में चला गया था। शनिवार देर रात नोएडा के हॉस्पिटल में भर्ती प्रिंस की मौत हो गई । पहले से नामजद जानलेवा हमले के मुकदमे में पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। जिसके बाद उसके नाते रिश्तेदार और कॉलोनी वासियों ने रविवार को थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन खिलाफ नारेबाजी की। थाने के बाहर जाम लगा दिया। इस दौरान दूर तक वाहनों की कतार लग गई। राहगीरों से भी मारपीट की गई। मगर पुलिस मूकदर्शक बनी भीड़ को समझाने में जुटी रही।

कोमा में चला गया था प्रिंस

कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की हाइडिल कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय वैभव यादव उर्फ प्रिंस पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र यादव को 22 सितंबर की सुबह कई युवकों ने लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा था। उसी दिन दोपहर 12:00 बजे प्रिंस ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की तहरीर दी थी। अगर पुलिस ने प्रिंस का मेडिकल नहीं कराया और न ही उसकी प्राथमिकी दर्ज की। 22 सितंबर की रात 8:00 बजे प्रिंस अपने घर से डॉक्टर के पास जा रहा था। हमलावरों ने उसे रोका और बुरी तरह पीटा। हमलावरों से बचने के लिए प्रिंस ने बाइक से भागने का प्रयास किया और वह डिवाइडर से टकराकर गिर गया। जिसके बाद प्रिंस कोमा में चला गया था।

सीओ ने मौके पर पहुंचकर समझाया

उसी रात में ही उसके परिजनों ने प्रिंस को नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 24 सितंबर की रात में स्‍वजन अधिकारियों से मिले, जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ। मगर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। अस्पताल में जहां उपचार के दौरान रविवार देर रात प्रिन्स की मौत हो गई। 22 सितंबर से अब तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से गुस्साई भीड़ ने रविवार को कंकरखेडा थाने का घेराव कर दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। उसके बाद भीड़ थाने के बाहर पहुंच गई और सड़क जाम कर दी। यहां पर काफी देर तक हंगामा चला।  

12 घंटे में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं भी तुम्हारे साथ धरने पर बैठूंगा 

सीओ दौराला संजीव कुमार दीक्षित ने जाम लगा रही भीड़ की बात सुनकर आश्वासन दिया कि वह 12 घंटे के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी कर सख्त कार्रवाई करेंगे। साथ ही सीओ ने कहा कि अगर 12 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह भी तुम्हारे साथ धरने पर बैठेंगे। इस आश्वासन के बाद भीड़ शांत हो गई और जाम खोल दिया।

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