तीनों कृषि कानून किसान विरोधी : जयंत

तीनों कृषि कानून किसान विरोधी : जयंत

करनावल कस्बे में स्थित शिव मंदिर में आयोजित महापंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भाजपा सरकार पर जमकर बरसे।

Publish Date:Tue, 19 Jan 2021 07:40 PM (IST) Author: Jagran

मेरठ, जेएरनएन। करनावल कस्बे में स्थित शिव मंदिर में आयोजित महापंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को किसानों के विरोधी बताया।

मंगलवार को करनावल कस्बे में स्थित बंगले वाले शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित महापंचायत में जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार तीन-चार औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए छोटे व मध्यम वर्ग के किसानों के लिए यह कानून लाई है। उन्होंने किसानों से अपनी मांगे पूरी होने तक धरना जारी रखने की बात कही। जयंत ने कहा कि भाजपा के सांसद और विधायक दिल्ली सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों के बीच जाकर देखें कि वह कितनी परेशानी में हैं। उन्होने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा की दुष्कर्म और लूट के मामले बढ़ रहे हैं और सरकार एक वेब सीरीज को लेकर मुकदमे दर्ज कर रही है। भाजपा सरकार मंदिर के नाम पर वोट की राजनीति कर रही है। आरोप लगाया कि श्रीराम मंदिर के नाम पर उगाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके समाजवादी पार्टी से अच्छे संबंध हैं और आने वाले चुनाव में वह मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

महापंचायत का संचालन धर्मपाल गिरी व रामपाल दादा ने किया। अध्यक्षता सिरदार सिंह ने की। इस मौके पर रालोद के जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़, रणवीर दहिया, सुनील रोहटा, संजय चौधरी रसूलपुर, संजय चौधरी, डा. राजकुमार सांगवान, राहुल देव, सोनू गुर्जर, कुलदीप हुडडा, संदीप चौधरी के साथ सभासद रूपेश कुमार, मनोज फुगाट, लोकेश पेठा के साथ छुर सिकदर प्रधान, राजसिंह, धर्मपाल, राजपाल पहलवान आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व उन्होंने खिवाई की चेयरपर्सन रंगीला बेगम के देवर निधन पर उनके स्वजन को सांत्वना दी। रागनी का जमकर लिया आनंद

किसानों की महापंचायत में दोपहर से रागनियों का कार्यक्रम पेश किया गया। रागनी कलाकार सुन्दर सिंह ने टीम के साथ किसानों के हकों पर आधारित रागनी सुनाकर किसानों का भरपूर मनोरंजन किया।

पूर्व चेयरमैन ने भाजपा छोड़ रालोद का दामन थामा

करनावल के पूर्व चेयरमैन सतीश कुमार उर्फ पप्पू ने भाजपा को छोड़ मंगलवार को रालोद में जाने की घोषणा की। इससे पूर्व भी वह कई बार रालोद, सपा, भाजपा का दामन थाम चुके हैं। बीते लोकसभा चुनाव में रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

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