Airport In Meerut: मेरठ में हवाई अड्डा बनने से व्यापार जगत को लगेंगे पंख, यह चाहते हैं शहर के व्‍यापारी

Airport In Meerut इस वक्‍त को मेरठ से उड़ान की बड़ी दरकार है। आभूषण बेडलिनेन और शो रूम संचालकों ने मेरठ से हवाई उड़ान को बताया कि जरूरी। हवाई अड्डा बन जाने से कई क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सकेगा। लोगों को इसका बेसब्री से इंतजार है।

Prem Dutt BhattPublish:Tue, 30 Nov 2021 11:47 AM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 11:47 AM (IST)
Airport In Meerut: मेरठ में हवाई अड्डा बनने से व्यापार जगत को लगेंगे पंख, यह चाहते हैं शहर के व्‍यापारी
Airport In Meerut: मेरठ में हवाई अड्डा बनने से व्यापार जगत को लगेंगे पंख, यह चाहते हैं शहर के व्‍यापारी

मेरठ, जागरण संवाददाता। मेरठ के परतापुर स्थित हवाई पट्टी को विकसित किए जाने और यहां से उड़ान आरंभ को लेकर मेरठ का व्यापारी वर्ग खासा आशान्वित है। जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से व्यापारी उत्साहित हैं पर उनका मानना है मेरठ में अगर हवाई अड्डा बनता है तो व्यापारिक गतिविधियों को खासा बूम मिलेगा। इससे मेरठ ही नहीं मुजफ्फरनगर, बागपत और आसपास का इलाका नए व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।

अलंकार ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के आलोक प्रकाश कहते है कि मेरठ आभूषण निर्माण की बड़ी मंडी है। इसे स्वर्ण नगरी का नाम देने की मुहिम चल रही है। शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब सुदूर राज्यों से दो ढ़ाई सौ लोगों को आना जाना न होता हो। स्थानीय व्यापारियों को भी बड़े ग्राहकों से मिलने अहमदाबाद, चेन्नई, जयपुर, मुंबई अक्सर जाना पड़ता है। अगर मेरठ में हवाई अड्डा बनता है तो आभूषण सेक्टर कई गुना ग्रोथ करेगा।

स्पोर्टस और आभूषण के साथ मेरठ में पावरलूम से तैयार कपड़े का बड़ा हब है। यहां पर बेडशीट, कवर, पर्दे आदि भारत के हर कोने में सप्लाई होते हैं। राज फैब्रिक के अनिल आनंद ने कहा कि आर्डर लेने के लिए टूर पर जाना पड़ता है। प्लेन पकडऩे के लिए दिल्ली जाना जाना पड़ता है। आने और जाने में 12 घंटे खराब होते हैं। अगर मेरठ से यह सुविधा मिल जाए तो समय तो बचेगा ही साथ सुविधा भी होगी। कई बार बड़े आर्डर देने वाले व्यापारियों से मिलने सैंपल लेकर दिल्ली जाना पड़ता है चूंकि वह मेरठ आने के लिए तैयार नहीं होते। वही व्यापारी अगर मेरठ आएं तो हम उन्हें अपनी यूनिट और सैंपल ज्यादा बेहतर तरीके से दिखा सकेंगे। जिससे आर्डर ज्यादा मिलने की संभावना बनेगी।

सरदार जी रेडीमेड गारमेंट व्यापारी चरनजीत सिंह ने बताया कि सीजन बदलने के दौरान साल में कम से कम से कम पांच से छह बार माल लाने के लिए मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, बंगलुरु जैसे शहरों में जाना पड़ता है। इसीतरह लखनऊ, भोपाल और राज्यों की राजधानियों में गारमेंट के फेयर लगते हैं। गारमेंट की नई रेंज के साथ कंपनियां आकर्षक डिस्काउंट आफर करती हैं ऐसे स्थानों पर जाने हम सामने समस्या यह है कि हम दुकान को ज्यादा दिनों तक कर्मचारियों के भरोसे छोड़ सकते। इसलिए कई बार एजेंटों या बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता है। अगर मेरठ से उड़ान आरंभ हो जाएगी तो हम साप्ताहिक बंदी के दिन भी जा कर जल्द लौट सकेंगे।

मोबाइल और एसेसरीज के वितरक अजय वर्मा ने बताया कि मैन्युफैक्चङ्क्षरग कंपनियां डीलर मीट मुंबई, दिल्ली, बंगलुरु जैसे शहरों में आयोजित करती हैं। आनलाइन मार्केटिंग के दौर में अगर हमें बाजार में टिके रहना है तो ऐसे आयोजनों में आना-जाना जरूरी है। वहां पर आकर्षक डिस्काउंट और स्कीम पर चर्चा होती है। अगर मेरठ से उड़ान संभव होगी तो ऐसे आयोजनों में जाने में सुविधा होगी। परिणाम स्वरूप व्यापार बढ़ेगा।