हर आलोचनाओं का दिया मुंहतोड़ जवाब, बागपत की छोरी रणजी मैचों में कर रही कमाल

बागपत की छोरी रणजी मैचों में कमाल का प्रदर्शन कर रही है।

मजबूत इरादे और लगन लक्ष्य पर पहुंचकर ही दम लेते हैं। आरती ने इस बात को साबित भी कर दिया है। सात साल पहले क्रिकेट का बल्ला थामा। कुछ लोगों ने लड़की होने के नाते आलोचना की लेकिन उन्होंने हर विरोध और आलोचना को बाउंड्रीलाइन से पार कर दिया।

Himanshu DwivediThu, 13 May 2021 02:05 PM (IST)

सुरेंद्र कुमार, बागपत। मजबूत इरादे और लगन लक्ष्य पर पहुंचकर ही दम लेते हैं। आरती ने इस बात को साबित भी कर दिया है। सात साल पहले क्रिकेट का बल्ला थामा। कुछ लोगों ने लड़की होने के नाते इस खेल को लेकर नाक-मुंह भी सिकोड़ा लेकिन उन्होंने हर विरोध और आलोचना को बाउंड्रीलाइन से पार कर दिया। वह रणजी के 15 मैच खेल चुकी हैं। जिन्होंने आलोचना की, वही आज उनकी कामयाबी पर नाज करते हैं।

निबाली गांव की आरती धामा का बचपन से ही क्रिकेटर बनने का सपना था। वर्ष 2014 में उन्हें इसे पूरा करने का मौका मिला। उन्होंने एक क्रिकेट एकेडमी में दाखिला लिया। कोच प्रवीण पुंडीर और योगेश शर्मा ने उन्हें बल्लेबाजी व गेंदबाजी का प्रशिक्षण दिया। इसी वर्ष दिल्ली की टीम के लिए रणजी खेलने का ट्रायल हुआ। आरती ने इसमें शानदार प्रदर्शन दिल्ली की रणजी टीम में बतौर आलराउंडर जगह बनाई। इसके बाद वह लगातार रणजी के 15 मैचों में दिल्ली की टीम का हिस्सा रहीं। अभी रेलवे में दिल्ली में तैनात हैं।

परिवार का मिला पूरा सहयोग

आरती बताती हैं, यदि किसी ने उनके क्रिकेट खेलने का विरोध किया, तो परिवार वालों ने उनका साथ दिया। उनके पिता संजय सामाजिक कार्यकर्ता हैं और मां हाल में जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव जीती हैं। बड़ी बहन भारती का पीसीएस के जरिए डीपीआरओ पद पर चयन हुआ है। छोटा भाई अभिषेक कक्षा दस में पढ़ता है।

तेंदुलकर और मिताली हैं प्रेरणास्नेत

आरती बताती हैं कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर व महिला क्रिकेटर मिताली राज उनके प्रेरणा स्नोत हैं। उनका लक्ष्य अब महिला इंडिया टीम में जगह बनाने का है। इसके लिए लगातार कठोर मेहनत कर रही हैं।

2019 में खेला था रोमांचकारी मैच

आरती बताती हैं कि वर्ष 2019 में रणजी में एक मैच हिमाचल प्रदेश की टीम के साथ मुंबई में हुआ था। इस रोमांचकारी मैच में कम गेंद पर ज्यादा रन की जरूरत थी। हरियाणा की ओर से खेल चुकीं रणजी खिलाड़ी सिमरन चौधरी नेे कहा कि खेलों में बेटियों को आगे बढ़ने के बहुत कम अवसर मिलते हैं। क्रिकेटर आरती धामा को उनके स्वजन ने आगे बढ़ाया, जो सराहनीय है।

जिला क्रीड़ाधिकारी सरिता रानी ने कहा- खेलों में गांव की बेटियों का आगे बढ़ना सराहनीय है। क्रिकेटर आरती धामा क्रिकेट में पहचान बना रही हैं। यह जिले के लिए उपलब्धि है।

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