काम तो हुए पर जलनिकासी व पेयजल के इंतजाम नाकाफी

काम तो हुए पर जलनिकासी व पेयजल के इंतजाम नाकाफी

जागरण संवाददाता चिरैयाकोट (मऊ) नगर पंचायत चिरैयाकोट से सटी ग्रामसभा मनाजीत में यूं तो ि

JagranFri, 26 Feb 2021 07:06 PM (IST)

जागरण संवाददाता, चिरैयाकोट (मऊ) : नगर पंचायत चिरैयाकोट से सटी ग्रामसभा मनाजीत में यूं तो पिछले पांच वर्षों में विकास के कई कार्य हुए परंतु जन सुविधाएं अभी मुकम्मल नहीं हो पाई हैं। गांव में 1100 मीटर इंटरलाकिग तो 1700 मीटर खंड़जा लगाकर ग्रामीणों के आने-जाने का रास्ता सुगम कराया गया। गांव की गलियों के रास्ते ठीक कराकर आमजन को तो सुविधा मिली परंतु अभी भी जलनिकासी व शुद्ध पेयजल के इंतजाम नहीं हो पाए हैं।

नगर पंचायत से सटी ग्राम पंचायत होने के बावजूद शुद्ध पेयजल के इंतजाम आज तक नहीं हो पाया। न तो अपेक्षित जगहों पर इंडिया मार्का हैंडपंप ही लगे। न ही ओवरहेड टैंक बनाकर घर-घर पानी ही पहुंचाया गया। जल निकासी के लिए नाले नहीं बन पाए। ताल, पोखरों के रहते हुए भी गांव वासियों के घरों के पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। पेयजल व जलनिकासी के लिए समुचित व्यवस्था हो जाए तो ग्रामीणों की परेशानियां काफी हद तक कम हों जाएंगी। ----------------------

इनसेट--

गांव में स्वास्थ्य आंगनबाड़ी केंद्र, एक एनएम सेंटर की स्थापना हुई। इसमें स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं। पोखरे का सुंदरीकरण कराकर जल संचयन का कार्य कराया गया। आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निर्माण चल रहा है। जल्द ही आमजन को इसकी सुविधा का लाभ मिलना शुरू होगा। गांव के सभी रास्तों पर 255 स्ट्रीट लाइट सहित 35 सोलर लाइट लगाकर गांव को रोशन करने का काम किया गया है। अब अंधेरे में भी सार्वजनिक रास्तों पर आने-जाने में किसी को कोई समस्या नहीं है।

मत्था--

- 42 गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास दिया गया। इससे इन परिवारों के वर्षों का पक्की छत नसीब होने का सपना साकार हुआ।

मत्था-

- 395 परिवारों को उज्जवला गैस योजना के अंतर्गत मुफ्त गैस और चूल्हा दिया गया है। इससे यह परिवार वर्षों बाद धुएं से मुक्त हो पाए। नंबर गोम--

एक नजर में ग्रामसभा मनाजीत--

3327 - जनसंख्या

2275 - वोटर

913 - महिला

1362 - पुरुष

252 - नए मतदाता

01 - प्राइमरी विद्यालय

01 - जूनियर विद्यालय

01 - इंटर कालेज

1 - विद्युत उपकेंद्र

01 - पशु चिकित्सालय

01 - आयुर्वेदिक चिकित्सालय

02 - आंगनबाड़ी केंद्र

01 - एएनएम सेंटर

42 - प्रधानमंत्री आवास

152 - शौचालाय

395 - उज्जवला गैस

255 - स्ट्रीट लाइट

35 - सोलर लाइट

52 - विधवा पेंशन

168 - वृद्धा पेंशन

34 - विकलांग पेंशन

------------------- बोले ग्रामीण--

घर के सामने ग्राम पंचायत की तरफ से रास्ता बनाया गया है। इसे सड़क के किनारे खेत वाले रोक रहे हैं। रास्ता बन जाता तो बस्ती के लोगों को मुख्य मार्ग पर जाने में सुविधा होती व चार पहिया वाहन घर तक पहुंच जाता।

- प्रेमचंद।

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बस्ती में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। अनुसूचित बड़ी बस्ती में केवल एक सरकारी हैंडपंप है, जो नाकाफी है। बस्ती के लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं।

- सुरेश।

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गांव में जल निकासी व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए। गंदे पानी की निकासी न होने से गांव में जगह-जगह गंदगी दिख रही है। वहीं पेयजल के लिए सरकारी हैंडपंप लगवाने की व्यवस्था की जाए।

- कैलाश कुमार।

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गांव में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। ताकि गांव के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेश न जाना पड़े। वहीं गांव के पोखरों को गरीबों और बेरोजगार युवाओं को आवंटित किया जाए।

- कन्हैया।

---------------------- बोले निवर्तमान प्रधान--

पिछले पांच वर्षो में गांव में विकास कार्य के तहत इंटर लाकिग, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र का निर्माण कराया गया है। गांव के सभी पात्र लोगों को विधवा, वृद्धा व दिव्यांग पेंशन दी जा रही है। गांव में राजकीय बालिका विद्यालय सहित स्वास्थ्य केंद्र व गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

- मंजू यादव, निवर्तमान प्रधान।

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