परियोजना निदेशक के आवास की समीक्षा का सचिवों ने किया बहिष्कार

ग्रामीण विकास को अमलीजामा पहनाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच

JagranFri, 18 Jun 2021 06:02 PM (IST)
परियोजना निदेशक के आवास की समीक्षा का सचिवों ने किया बहिष्कार

जागरण संवाददाता, मऊ : ग्रामीण विकास को अमलीजामा पहनाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच दुराव बढ़ गया है। गुरुवार की देर शाम विकास भवन में प्रधानमंत्री आवास की समीक्षा के दौरान परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण व ग्राम सचिवों में जमकर तकरार हुई। परियोजना निदेशक पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए सचिवों ने उनके आवास की समीक्षा का बहिष्कार कर दिया। गुरुवार को मुहम्मदाबाद गोहना व रानीपुर के कर्मियों ने बहिष्कार किया वहीं शुक्रवार को बड़रांव व दोहरीघाट ब्लाक के कर्मचारी भी समीक्षा में नहीं पहुंचे। इसी दौरान ग्राम सचिवों ने जिला पंचायत राज अधिकारी के अपने कार्यालय में बुलाकर ग्राम सचिवों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सचिवों ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधितों पर कार्रवाई की मांग की। चेताया कि अगर जल्द कर्मियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो पूर्ण बहिष्कार करते हुए आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

गुरुवार को डीआरडीए आफिस में रानीपुर ब्लाक के प्रधानमंत्री आवास की समीक्षा परियोजना निदेशक कर रहे थे। परियोजना निदेशक ने आवास न बनने के लिए पूर्ण रूप से सचिवों को जिम्मेदार ठहराया। सचिवों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि लाकडाउन के दौरान अधिकतर लाभार्थियों का पैसा अन्य कामों में खर्च हो गया है। महामारी सबके लिए थी। वे लगातार लाभार्थियों को नोटिस जारी कर तेजी के प्रयास में लगे हैं। प्रगति भी बढ़ रही है। इस पर परियोजना निदेशक भड़क गए। उन्होंने चेताया कि इस पर कार्रवाई होगी। इसके दोनों पक्षों में जमकर तकरार भी हुई। सचिव समीक्षा का बहिष्कार करते हुए मुख्य विकास अधिकारी के यहां पहुंचे। उन्होंने ग्राम सचिवों के लगातार हो रहे उत्पीड़न की शिकायत की। उन्होंने पत्रक देकर परियोजना निदेशक व डीपीआरओ पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सचिवों ने बताया कि डीपीआरओ कार्यालय में ग्राम पंचायत अधिकारियों को बुलाकर उत्पीड़न किया जाता है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सचिवों को आश्वस्त किया कि किसी का भी उत्पीड़न नहीं होगा।

इनसेट--

पदोन्नति में बाधक बने अधिकारी

ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्रक सौंपकर जिला पंचायत राज अधिकारी को पदोन्नति में बाधक बताया है। पत्र में लिखा है कि ग्राम पंचायत अधिकारियों की वर्षवार चरित्र प्रविष्टि जिला पंचायत राज अधिकारी के स्तर से मुख्यालय को भेजी नहीं गई। इसके कारण कई ग्राम पंचायत अधिकारियों को पदोन्नति नहीं हो सकी।

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