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उपदेश से नहीं मेहनत से बदलेगी शिक्षा की दशा

जागरण संवाददाता, रतनपुरा (मऊ) : प्राथमिक शिक्षा में संसाधनों की अब कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो शिक्षकों के संकल्प लेने की और उसे साकार करने की। शैक्षिक गुणवत्ता में बदलाव का लक्ष्य उपदेश से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत से हासिल होगा। रतनपुरा विकास खंड का हर विद्यालय जब प्रेरक विद्यालय के तौर पर खड़ा होगा तभी रतनपुरा शिक्षा क्षेत्र प्रेरक शिक्षा क्षेत्र के रूप में अपनी पहचान बना सकेगा। यह बातें बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने दीपदेव इंटर कालेज हलधरपुर के प्रांगण में आयोजित शिक्षक संकुल उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा।

कहा कि रतनपुरा के बीईओ डा.राजेश चतुर्वेदी ने जनवरी 2021 तक रतनपुरा शिक्षा क्षेत्र को प्रेरक शिक्षा क्षेत्र के रूप में बनाने का संकल्प लिया है। इसे पूर्ण करने के लिए सभी शिक्षकों को पूर्ण मनोयोग से लगना होगा। सभी शिक्षक पहले अपने विद्यालय को प्रेरक विद्यालय बनाने में जुट जाएं और जब उनका विद्यालय प्रेरक विद्यालय बन जाएगा तो संकुल के जितने भी विद्यालय हैं उन्हें प्रेरक बनाने का कार्य करें। कहा कि 30 सितंबर तक सभी विद्यालय प्रेरक विद्यालय के रूप में विकसित हो जाएं और 31 दिसंबर तक सभी संकुल प्रेरणा संकुल बन जाए तो जनवरी 2021 में रतनपुरा ब्लाक संपूर्ण देश और प्रदेश में अपनी एक नई पहचान बना सकेगा। बीईओ डा.राजेश ने बीएसए को विश्वास दिलाया कि उनकी टीम पूर्ण मनोयोग से लक्ष्य को प्राप्त करेगी। इस अवसर पर डीसी सीडी यादव, अध्यक्ष प्रबंधक प्रेमशंकर सिंह, अजीत कुमार गुप्त, सुबोध श्रीवास्तव, सुनील कुमार वर्मा, राजकुमार सिंह, प्रतिभा वर्मा, दीपक सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे।

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