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सवर्ण मतदाताओं की रुझान पर होगी निगाह

जागरण संवाददाता, घोसी (मऊ) : इस लोकसभा उप चुनाव में सवर्ण मतदाताओं की रुझान बेहद अहम है। हर प्रत्याशी इसे बखूबी समझ रहा है। अरसे बाद संयोग ऐसा बना है कि यह वर्ग इस बार हाट सीट पर है। ऐसे में एक राजनीतिक दल को छोड़ हर प्रत्याशी की इन पर निगाह टिकी है। इस चुनाव में इस वर्ग को रिझाने को हर दल हर कवायद कर रहा है। कोई मनगढ़ंत आंकड़ा पेश कर रहा है तो कोई अफवाह फैलाने से बाज नहीं आ रहा है। अभी तक यह वर्ग भले ही पशोपेश में रहा है पर अब उसने अपना मन बना लिया है, जाति-धर्म के नारों से परे होकर राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने की परंपरा का निर्वाह करने का। अधिसंख्य मतदाता सुबह ही मतदान करेंगे। निकल कर आ रहे तथ्य संकेत करते हैं कि यह वर्ग सोच-समझ कर ही कदम उठाएगा और सारी अफवाहों को किनारे कर अपनी मर्यादा की पहचान कायम रखेगा।

अब तक वेट एंड वाच यानी अंतिम घड़ी में सटीक सामूहिक निर्णय लेने के पशोपेश में पड़ा यह वर्ग इस बार किसी को मात और शिकस्त देने के लिए नहीं वरन राष्ट्रीय मुद्दों और क्षेत्र के स्वाभिमान के साथ खड़े होकर जीत की बाजी खेलने पर आमादा है। अभी तक के चुनाव में इस समुदाय के समक्ष जो भी मुद्दे रहे हैं शुरुआती दौर में उनमें इस चुनाव में एक और मुद्दा शामिल हो गया था। अब देखना यह कि यह समुदाय सियासी दलों के हाथ मोहरा बनता है या फिर एकजुटता बनी रहती है। इस वर्ग के शिक्षित और जागरूक लोगों की रुझान को लेकर चुनाव की घोषणा के बाद से चल रही बहस का निष्कर्ष भी आज ईवीएम में कैद होगा। बहरहाल जीत की रेस में शामिल प्रमुख प्रत्याशियों की किस्मत यह वर्ग तय करेगा। बहरहाल सभी राजनीतिक पंडितों की निगाहें सवर्ण मतों की रुझान पर लगी हुई हैं।

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