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निजी कंपनी संभालेगी मऊ जंक्शन का पूछताछ केंद्र

जागरण संवाददाता, मऊ : रेलवे में नियमित कर्मचारियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। स्थानीय रेलवे जंक्शन पर बुकिग क्लर्क हों या आरक्षित टिकट के बाबू सबकी संख्या लगातार घटती जा रही है। कर्मचारियों की कमी से आरक्षित टिकट की चार खिड़कियों में से केवल एक ही खिड़की नियमित रूप से चल रही है। रेलवे के शीर्ष प्रबंधन ने मऊ जंक्शन के पूछताछ कार्यालय को अब निजी हाथों में सौंपने का निर्णय ले लिया है। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर की ओर से पूछताछ केंद्र निजी हाथों में सौंपनी की लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सब कुछ ठीक रहा तो मार्च से पूछताछ केंद्र पर निजी कंपनी के कर्मचारी लोगों को ट्रेनों के विषय में जानकारी देते नजर आने लगेंगे।

डीसीआइ सरनाम सिंह मीणा ने बताया कि मऊ जंक्शन से होकर प्रतिदिन औसतन 10 हजार यात्री गुजरते हैं। लगभग सभी प्लेटफार्मों पर रेलवे की ओर से यात्रियों को वाईफाई की भी सुविधा दी गई है। बावजूद इसके पूछताछ केंद्र की महत्ता कम नहीं है। कोई असुविधा होने पर लोग अब भी पूछताछ कार्यालय से मिली जानकारी पर भरोसा करते हैं। उधर, रेलवे के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पूछताछ केंद्र को निजी कंपनी में देने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मार्च के पहले सप्ताह से ठेका लेने वाली निजी कंपनी के कर्मचारी पूछताछ केंद्र का काम संभालना शुरू कर देंगे। पूछताछ केंद्र के निजी हाथों में पहुंचने का काम पूरा होते देख रेलवे के कर्मचारियों में आरक्षण टिकट खिड़की को भी निजी कंपनी को देने की कवायद को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।

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