स्वावलंबन की राह पर चल पड़े कैदी

जागरण संवाददाता, पलिगढ़ (मऊ) : जिला कारागार में उद्योग विस्तार हेतु यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) तथा कारागार प्रशासन के सहयोग से दोना, पत्तल निर्माण हेतु दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रशिक्षण हाल में बैठे 75 कैदियों को बाहर निकल कर सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करने व जीने के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली योजनाओं पर चर्चा करते हुए श्री त्रिपाठी ने बताया कि सरकार की मंशा है कि निरुद्ध बंदियों को प्रशिक्षण देकर एकीकृत किया जाए। अर्थात कोई बंदी सरकार द्वारा संचालित स्वावलंबन योजनाओं की पात्रता से वंचित न रह जाए। प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर कारागार से मुक्ति के उपरांत आसानी से लोन मिल सके। जिससे मशीन व कच्चा माल खरीद कर स्वावलंबी बनने के साथ दूसरे को भी प्रशिक्षित करें।

बताते चलें कि तकरीबन दो माह पूर्व अगरबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया तथा अब बाजार में बिकने के लिए कान्हा अगरबत्ती के नाम से माल बन कर तैयार है, जो किसी संस्थान द्वारा शीघ्र बाजार में उपलब्ध होगा। प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षक रामनवल प्रजापति के हुनर की जिलाधिकारी ने तारीफ भी किया। अंत में जेल अधीक्षक अविनाश गौतम ने बताया कि कुल पांच उद्योग में से तीन का कुशलता पूर्वक प्रशिक्षण हो गया तथा दो बाकी हैं। जो शीघ्र ही शुरू होगा। इस अवसर पर जेलर लाल रत्नाकर सहित जेल प्रशासन के लोग व आरसेटी व कौशल विकास के प्रशिक्षक उपस्थित थे।

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