11 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद

जागरण संवाददाता, मऊ : सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बीच घोसी विधानसभा उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। बूथों पर वोटिग को लेकर मतदाताओं में खासा रूझान नहीं दिखा पर लोकतंत्र के इस पर्व में सभी वर्ग की बढ़ चढ़कर भगीदारी रही। वोटिग को लेकर युवा उत्साहित दिखे तो वहीं बुजुर्ग भी मताधिकार करने से नहीं भागे। महिलाओं की भागीदारी भी बढ़चढ़कर रही। 454 बूथों पर पड़े वोट 52.43 फीसद वोटिग के पश्चात 11 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा, 24 अक्टूबर के मतगणना के बाद ही तय हो सकेगा।

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। हालांकि कई बूथों पर सुबह एक घंटे तक ईवीएम व वीवी पैट में गड़बड़ी की शिकायत आती रहीं। घोसी में 321, 250, 168 बूथ पर वीवी पैट में तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत रहीं तो वहीं बोझी बूथ संख्या 34 पर एक घंटा 13 मिनट तक मतदान बाधित रहने की बात सामने आई। ईवीएम तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बूथों की दौड़ लगाती रही। कुछ ईवीएम बदले गए तो कुछ को मौके पर ही ठीक कर दिया गया। दूसरी तरफ वोटिग की बात करें तो धूप तल्ख व गर्मी न होने के कारण सुबह से ज्यादा दोपहर में मतदान का प्रतिशत बढ़ा। कुछ बूथों पर मतदाताओं की सुबह तो किसी बूथ पर दोपहर में भीड़ दिखी। हालांकि लंबी लाइन वाले बूथों की संख्या सामान्य निर्वाचन की तरह बहुत ही कम नजर आई। कोपागंज सरस्वती शिशु मंदिर में सुबह साढ़े सात बजे से मतदाता आना शुरू हुए तो वहीं रामपुर, सोहड़ बूथ पर सुबह नौ बजे तक 13 फीसद वोटिग रहीं जबकि पूरे जिले में सुबह नौ बजे तक औसत 9.5 फीसद तक ही मतदान प्रतिशत रहा। हालांकि सुबह नौ बजे से 11 बजे के बीच मतदान का प्रतिशत तेज रहा। सुबह 11 बजे तक मतदान 23.62 फीसद रहा। यह रफ्तार अन्य अवधि में देखने को नहीं मिली। बहुतायत बूथों पर सुबह व शाम के वक्त मतदाताओं की भीड़ तो वहीं कई बूथों पर सन्नाटा छाया रहा। कमोवेश सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक बहुतायत बूथों पर मतदाताओं के आने का सिलसिला जारी रहा। कुछ ही बूथ पर सुबह व शाम को भीड़ दिखी।

दूसरी तरह वोटिग व ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कई बूथों पर हो-हल्ला मचा लेकिन कहीं भी मारपीट व हिसा की सूचना नहीं रही। बूथों पर फोर्स मुस्तैद रही तो वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, कमिश्नर कनक त्रिपाठी, डीआइजी मनोज तिवारी, एसपी अनुराग आर्य समेत दर्जनों अधिकारी मतदान केंद्रों का चक्रमण करते रहे। देर शाम तक कहीं किसी भी प्रकार की अनहोनी की जानकारी न मिलने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। मैदान में उतरे 11 प्रत्याशी अंतिम समय तक वोटरों को रिझाने व अपने पक्ष में वोट डलवाने की कवायद में जुटे रहे। सभी अपनी अपनी जीत के दावे अंतिम दम तक भरते रहे। कुछ जातिगत आधार की दुहाई देते रहे तो कुछ पार्टी के बेस वोट के बूते जीत का दावा करते रहे। वहीं जानकर कम वोटिग प्रतिशत के कारण किसी नतीजे पर पहुंचते नहीं दिखे। सभी का यही कहना रहा कि लड़ाई दिलचस्प होगी। मामूली वोटों से ही हार-जीत तय होगा। हालांकि दावे किसके कितने मजबूत हैं यह सब 24 अक्टूबर को मतगणना बाद ही तय होगा। मतगणना तक इंतजार करना होगा कि किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा।

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प्रत्याशी का नाम - राजनीतिक दल 1- अब्दुल कयूम - बहुजन समाज पार्टी 2- राजमंगल यादव - कांग्रेस 3- विजय कुमार राजभर - भारतीय जनता पार्टी 4- शेख हिसामुद्दीन - कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया 5- जितेंद्र सिंह चौहान - जनता क्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) 6- दिलीप कुमार वर्मा - परिवर्तन समाज पार्टी 7- नेबूलाल - सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 8- फौजेल अहमद - पीस पार्टी 9- शरदचंद्र - बहुजन मुक्ति पार्टी 10- रामभवन - निर्दलीय 11- सुधाकर सिंह - निर्दलीय

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