जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों का निश्शुल्क इलाज

जागरण संवाददाता मऊ जन्मजात मुड़े हुए पैरों की समस्या से ग्रसित बच्चों का उपचार अब जिला अस्पत

JagranThu, 02 Dec 2021 07:57 PM (IST)
जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों का निश्शुल्क इलाज

जागरण संवाददाता, मऊ : जन्मजात मुड़े हुए पैरों की समस्या से ग्रसित बच्चों का उपचार अब जिला अस्पताल में मुफ्त हो रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में 'क्लब फुट क्लीनिक' मिरेकल फीट इंडिया के सहयोग से गुरुवार को इस प्रकार के कुल 20 बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया।

विशेषज्ञों की मानें तो चिकित्सा विज्ञान में इस बीमारी के सही कारण का पता अब तक नहीं चल सका है। क्लब फुट बीमारी में बच्चों के पैर जन्मजात टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं। सही समय पर इसका इलाज न हो तो बच्चा जीवन भर के लिए दिव्यांग हो सकता है। सदर अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अरुण गुप्ता ने बताया कि गर्भावस्था के समय अगर सही तरीके से अल्ट्रासाउंड किया जाए तो गर्भस्थ शिशु में ही इस लक्षण का पता चल जाता है। गांवों में बच्चे के पैदा होने के साथ ही इस बात का पता चल जाता है लेकिन उस समय उसके माता-पिता इस विकृति को स्वीकार नहीं कर पाते हैं। अगर जन्म के साथ ही इलाज शुरू कर दिया जाता है तो उसके लाभ समय से दिखने लगते हैं। इस कार्यक्रम के तहत 20 बच्चों को मुफ्त इलाज का लाभ मिला है। इसमें 19 को पट्टी लगाई गई और एक का आपरेशन किया गया। बताया कि जन्म के समय स्क्रीनिग के दौरान पता चलने पर इसका इलाज जितनी जल्दी शुरू हो जाए, ठीक होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है। मुख्यत: जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों का इलाज प्लास्टर द्वारा तथा विशेष तरह के जूतों को पहनाकर किया जा सकता है, जो पूर्णतया निश्शुल्क है। इस दौरान अस्पताल में नोडल अधिकारी डा. बीके यादव, सीएमस डा. ब्रजकुमार, डीईआईसी मैनेजर अरविद वर्मा, मिरेकल फीट इंडिया के कार्यक्रम समन्वयक प्रिस दूबे मौजूद थे।

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