इस बार सर्दी में ठिठुरने को मजबूर होंगी कान्हा की गाय

जासं, मैनपुरी: नगर पालिका द्वारा संचालित कान्हा पशु आश्रय स्थल में 350 बेसहारा गोवंश पल रहा है। सर्दी शुरू हो चुकी है। चारदीवारी के अंदर बने एक बाड़े में कुछ बोरे लटकते नजर आते हैं, जबकि बाकी के बाड़ों में ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। पूछने पर कर्मचारी बताते हैं कि सामान आने लगा है, जल्द ही इन बाड़ों को कवर कर दिया जाएगा, जिससे गोवंशों को सर्द मौसम में ठंडी हवाओं से बचाया जा सके।

सरकार बेसहारा गोवंश पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है। बावजूद इसके बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहा है तो कहीं आश्रय स्थलों में गोवंश के लिए चारा-पानी और देखरेख का अभाव है। अब सर्दी के मौसम में आश्रय स्थलों में बेसहारा गोवंश को ठिठुरने से बचाने का इंतजाम दूर तक नहीं दिखा। हर किसी की उम्मीद मुख्यमंत्री पर टिकी है। फिलहाल किसी भी गो संरक्षण केंद्र में ठंड से गोवंश को बचाने के इंतजाम नजर नहीं आते हैं।

कुछ ऐसे ही हालात जिला में नगर पालिका और नगर पंचायतों और ग्राम सभाओं द्वारा संचालित कान्हा गो आश्रय और गो संरक्षण केंद्रों के अलावा मनरेगा योजना से निर्मित चारागाहों में नजर आते हैं। यहां पलने वाले गोवंश को अब सर्दी के मौसम में ठंड से सिकुड़ना पड़ रहा है। ऐसे में तमाम गोवंश बीमार होने लगे हैं। जिला में संचालित 15 ऐसे संरक्षण केंद्र, कान्हा आश्रय और चारागाहों में इन दिनों 1581 गोवंश पल रहे हैं। फिलहाल सभी ऐसे केंद्रों में गोवंश को सर्दी से बचाने के इंतजाम नजर नहीं आते हैं।

सर्दी से गोवंश को बचाने के लिए ईओ और बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि पशुओं के रहने वाले स्थानों को तिरपाल से कवर कर दिया जाए। यह काम जल्द ही कर लिया जाएगा।

डॉ. विपिन कुमार गर्ग, प्रभारी सीवीओ।

गोवंश को सर्दी से बचाने का काम नगर पालिका और नगर पंचायतों का है, इसके लिए पूर्व में ही व्यवस्था करने को निर्देश जा चुके हैं। जल्द ही इस व्यवस्था को मौके पर देखा जाएगा।

नगेंद्र शर्मा, सीडीओ।

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