खरपतवार और कीट नष्ट करने वाली दवाएं फेल

कंपनी और दुकानदारों को कृषि विभाग ने नोटिस जारी किए। अधिकारियों ने मार्च में कृषि दवाओं के 11 सैंपल लिए थे जिसमें से तीन सैंपल फेल हो गए।

JagranTue, 22 Jun 2021 04:35 AM (IST)
खरपतवार और कीट नष्ट करने वाली दवाएं फेल

जासं, मैनपुरी: कीट, माहू और खरपतवार के विनाश को बनाई दवाएं फेल हो गईं हैं। प्रयोगशाला में हुई जांच में तीन दवाओं में खेती के दुश्मनों का नष्ट करने की क्षमता साबित नहीं हो सकी। अब कृषि रक्षा विभाग ने ऐसी दवा बेचने वाले दुकानदार और बनाने वाली कंपनी को नोटिस जारी किया गया है।

शासन के निर्देश पर कृषि रक्षा विभाग ने मार्च में खेती के काम आनी कीटनाशी और खरपतवार नष्ट करने वाली दवाओं के 11 नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जहां तीन दवाओं की क्षमता साबित नहीं हो सकी। अब परिणाम आने के बाद कृषि रक्षा अधिकारी डा. गगनदीप सिंह ने दवा बेचने वाले और बनाने वाली कंपनी केपीआइ इंडस्ट्रीज उदयपुर, राजस्थान को नोटिस भेजा गया। दवा में की कम क्षमता निकलने की वजह जानने को जवाब मांगा गया है।

ये नमूने हुए फेल

जांच के दौरान एलाऊ चौराहा स्थित गोपाल बीज एजेंसी से भरा प्रोफेनोपास 40 फीसद प्लस साइपर मैथिन चार फीसद का नमूना फेल निकला। इस दवा में यह दोनों तत्वों का फीसद काफी कम निकला। यह दवा माहू को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल होती है। अजीतगंज स्थित अवस्थी कृषि सेवा से भरा गया साइपरमेथ्रीन 25 ईसी भी जांच में फेल हो गई। यह दवा भिडी, बैंगन आदि में फल और तना भेदक कीटों से सुरक्षा के काम आती है। इसके अलावा खरपरी स्थित उर्मिला बीज भंडार से भरा मेटसल्फ्यूरान मिथाइल 20 फीसद डब्ल्यूपी भी जांच में क्षमता साबित नहीं कर सकी। यह दवा खरपतवार को नष्ट करने के काम आती है।

उदयपुर, राजस्थान की कंपनी द्वारा बनाई तीन दवाओं के नमूने जांच के दौरान फेल हो गए हैं। अब दुकानदार और कंपनी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद संबंधितों के खिलाफ सिविल न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा।

-डा. गगनदीप सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.