जलभराव बना मुसीबत, फैलने लगीं बीमारियां

शहर के आगरा रोड पर बसा नगला रते नारकीय हालात से जूझ रहा है। वर्षों से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे लोग अब बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। त्वचा संबंधी रोग के साथ बुखार ने भी पैर पसार लिए हैं। परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया।

JagranTue, 21 Sep 2021 04:42 AM (IST)
जलभराव बना मुसीबत, फैलने लगीं बीमारियां

जासं, मैनपुरी: शहर के आगरा रोड पर बसा नगला रते नारकीय हालात से जूझ रहा है। वर्षों से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे लोग अब बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। त्वचा संबंधी रोग के साथ बुखार ने भी पैर पसार लिए हैं। परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया।

नगला रते की आबादी लगभग सात हजार है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद यहां के हालात बिगड़ गए हैं। पहले से ही जलभराव से जूझ रही कालोनी में बारिश के पानी ने स्थिति खराब कर दी हैं। हर एक गली में जलभराव है। घरों में नालियों का गंदा पानी पहुंच गया। लोगों में पालिकाध्यक्ष के खिलाफ जबरदस्त रोष है। नाराजगी जाहिर करते हुए लोगों ने बताया कि कई लोग त्वचा संबंधी रोग से जूझ रहे हैं। लगभग आधा सैकड़ा से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। वर्षों से बनी इस समस्या के निस्तारण को कोई प्रयास नहीं हुए। पंपसेट की मदद से निकाला पानी

जलभराव की वजह से मकानों की नींव में पानी जाने लगा। सीवर के टैंक भी फुल हो चुके हैं। एक बुजुर्ग महिला ने तो पंपसेट की मदद से घर में भरे पानी को निकाला। उन्होंने बताया कि कई बार पालिकाध्यक्ष से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई राहत नहीं मिली है। बढ़ा करंट का खतरा

लोगों का आरोप है कि मुहल्ले में बिजली के कनेक्शन बाक्स और तार खुले पड़े हैं। इनमें करंट दौड़ता रहता है। जलभराव के बाद पानी में करंट आने लगता है। बहुत से लोगों को झटका लगने के बाद अब जब भी बारिश होती है तो लोगों को अपना रास्ता बदलना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कभी भी भीषण हादसा हो सकता है। मेरे घर के तीन सदस्य डेंगू बुखार की चपेट में हैं। घुटनों तक पानी भरा रहता है। बारिश के दिन तो आना-जाना भी बंद हो जाता है। बीमारियां बढ़ रही हैं, लेकिन पालिका प्रशासन के स्तर से कोई राहत नहीं दी जा रही है।

रविद्र। जलभराव वर्षों से बना हुआ है। बड़ा एरिया इसकी चपेट में है। विरोध होने के बाद एक इंजन पंपसेट भेज दिया गया। दो घंटे चलने के बाद वह भी बंद पड़ गया है। मजबूरी में लोगों को पालिका के विरोध में प्रदर्शन करना होगा।

आकाश। पालिकाध्यक्ष का घर 100 मीटर की दूरी पर है, लेकिन आज तक वे देखने के लिए यहां नहीं आई हैं। उनके भाई का एक गोदाम भी कालोनी में ही है। सभी ने मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिल सकी है।

राघव सिंह। घरों की बुनियाद भी खतरे में पड़ चुकी है। गड्ढे बन गए हैं। सड़कों पर चलने में डर लगता है। पालिका प्रशासन द्वारा आज तक हालातों की पड़ताल नहीं कराई गई है। निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं बन सकी।

सीपी सिंह। वर्जन इंजन लगवाकर पानी निकलवाया गया है। बीमारी के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अभी तक लोगों द्वारा कोई शिकायत नहीं दी गई है। अब टीम भेजकर यहां व्यवस्था कराई जाएगी।

लालचंद भारती, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद

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