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रिटायर फौजी की एल-2 अस्पताल में मौत, आत्मदाह की धमकी से मची खलबली

रिटायर फौजी की एल-2 अस्पताल में मौत, आत्मदाह की धमकी से मची खलबली

मौत के बाद स्वजन द्वारा दी गई थी धमकी अन्य तीमारदारों ने भी आक्सीजन और उपचार न मिलने के लगाए आरोप

JagranTue, 27 Apr 2021 06:40 AM (IST)

जासं, मैनपुरी: दो दिनों से कोरोना संक्रमण से जूझ रहे रिटायर फौजी की कोविड एल-2 अस्पताल में मौत हो गई। मृतक के स्वजन द्वारा अस्पताल के बाहर ही आत्मदाह की धमकी दी, जिससे महकमे में खलबली मच गई। आननफानन में खामी छिपाने की कार्रवाई में विभाग जुट गया। मृतक के स्वजन द्वारा आक्सीजन व उपचार न देने सहित कई गंभीर आरोप स्वास्थ्य विभाग पर लगाए हैं। वहीं दूसरे मरीजों के तीमारदारों का भी आरोप है कि एल-2 अस्पताल में भर्ती मरीजों को आक्सीजन और उपचार के साथ भोजन देने में भी जमकर लापरवाही बरती जा रही है।

भोगांव थाना क्षेत्र के गांव निजामपुर पीपल मंडी निवासी रिटायर फौजी दम्मीलाल राजपूत (70) की तबीयत बिगड़ने के बाद स्वजन द्वारा जांच कराई गई थी। जांच में वे पाजिटिव मिले थे। 24 अप्रैल को उन्हें एल-2 आइसोलेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वजन का आरोप है कि उन्हें दिनभर आक्सीजन नहीं दी गई थी। हालत खराब होते देख स्वजन उन्हें एल-2 से सीधे आगरा ले गए थे। यहां भी किसी ने भर्ती नहीं किया तो दोबारा 25 अप्रैल को एल-2 में भर्ती करा दिया।

सोमवार की सुबह मरीज की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई। स्वजन द्वारा आक्सीजन उपलब्ध न कराए जाने का आरोप लगाते हुए शासन से इसकी जांच कराने की मांग की है। वहीं मृतक के स्वजन द्वारा एल-2 के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। अन्य मरीजों के तीमारदारों द्वारा भी आरोप लगाए गए हैं कि एल-2 के मरीजों को न तो समय पर भोजन मिल रहा है और न ही आक्सीजन व उपचार। व्यवस्था के आगे बेवश दिखे आबकारी मंत्री

मृतक के पुत्र राजू लोधी ने एल-2 आइसोलेशन अस्पताल के बाहर से अव्यवस्था की जानकारी आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री को दी, लेकिन खुद मंत्री भी व्यवस्था के आगे बेवश बने रहे। मृतक के पुत्र का आरोप है कि आबकारी मंत्री द्वारा सीएमओ को बेहतर उपचार के लिए कहा गया था, लेकिन आक्सीजन नहीं लगाई गई। तोड़ी मानवता की हदें, स्वजन को थमा दीं पीपीई किटें

स्वास्थ्य विभाग की मनमानी ने सोमवार को मानवता को भी शर्मशार कर दिया। रिटायर फौजी की कोरोना संक्रमण से मौत के तीन घंटों बाद भी उनका शव स्वजनों को नहीं दिखाया गया। मृतक के पुत्र का आरोप है कि उनके मृत पिता को कंधा देने से भी इन्कार कर दिया है। उन्हें चार पीपीई किट यह कहकर थमा दी गई हैं कि खुद ही अपने पिता को ले जाइए। मृतक के स्वजन का कहना है कि उनके पास तो चार कंधे भी नहीं हैं। खुली पोल तो बंद कर दिया मुख्य द्वार

एल-2 अस्पताल में भर्ती मरीजों के अन्य तीमारदारों द्वारा भी जब गंभीर आरोप लगाए तो दोपहर में सीएमओ डा. एके पांडेय जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डा. अशोक कुमार और एल-2 प्रभारी डा. आरके सिंह के साथ यहां पहुंचे। सबसे पहले एल-2 अस्पताल का मेन गेट बंद करा दिया गया। लगभग एक घंटे तक खामियों को दुरुस्त करने का सिलसिला चलता रहा। बाद में गेट दोबारा खुलवाया गया। किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं है। सभी मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। आरोप बेबुनियाद है। मृतक के स्वजन के प्रति हमारी भी संवेदनाएं हैं। हमारे स्तर से कहीं भी लापरवाही नहीं बरती गई है।

डा. एके पांडेय, सीएमओ।

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