दो छोटी फागिग मशीनें मारेंगी शहर के मच्छर

बुखार और डेंगू के जबरदस्त कहर से जूझते शहर के लोगों को मच्छरों से

JagranSat, 16 Oct 2021 04:03 AM (IST)
दो छोटी फागिग मशीनें मारेंगी शहर के मच्छर

जासं, मैनपुरी : बुखार और डेंगू के जबरदस्त कहर से जूझते शहर के लोगों को मच्छरों से बचाया जाएगा। इनके नाश को अब पालिका की मशीनें काम करेंगी। दो नई फागिग मशीनों और चार ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ियों का पूजन करने के बाद पालिकाध्यक्ष ने उन्हें जनमानस के लिए पालिका के सिपुर्द कर दिया।

बुखार बुरी तरह से कहर बरपा रहा है। लगभग दो सैकड़ा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग शहर में इसकी चपेट में हैं। पालिका प्रशासन द्वारा मच्छरों के खात्मे के लिए दो छोटी फागिग मशीनों और चार ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ियों की खरीद कराई थी। शुक्रवार को पालिकाध्यक्ष मनोरमा ने समाजसेवी लक्ष्मण गुप्ता, सभासद राजीव यादव और कोतवाली प्रभारी भानुप्रताप सिंह की मौजूदगी में फागिग मशीनों और ई-रिक्शों का विधिविधान से पूजन किया।

उन्होंने कहा कि पालिका के पास दो बड़ी मशीनें हैं, लेकिन कई छोटी और संकरी गलियों में वे गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। इन छोटी मशीनों को साइकिलों पर रखकर आसानी से फागिग की जा सकती है। शुरुआत में उन कालोनियों को चुना गया है, जहां सबसे ज्यादा मरीज हैं। स्थानीय सभासदों और संभ्रांत नागरिकों की मदद से फागिग व सैनिटाइजेशन का काम कराया जाएगा। चार ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ियों की मदद से कालोनियों से कचरे का उठान कराया जाएगा। इस मौके पर अभिषेक गुप्ता, सफाई निरीक्षक शिशुपाल सिंह, मुराद अली, अनिल गुप्ता सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

कोरी अपील से ही प्रशासन मार रहा मच्छरों का लार्वा: जिले में डेंगू का कहर है। प्रशासन इस बात को स्वीकार रहा है कि बीमारी का दायरा मच्छरों के काटने से ही बढ़ रहा है। ऐसे में मच्छरों को मारने के लिए शासन स्तर से भी निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जिला प्रशासन सिर्फ अपील से ही लार्वा का खात्मा करने मे सक्षम है। कम से कम शहर में तो यही हो रहा है। पालिका प्रशासन द्वारा अब तक शहर में कहीं भी फागिग नहीं कराई गई है।

बुखार और डेंगू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। पालिका प्रशासन द्वारा छोटी हाथ मशीनों ने नालियों में दवा का छिड़काव तो कराया जा रहा है, लेकिन फागिग नहीं हो रही है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पीड़ित मरीज के घरों का सर्वे कराकर स्वजन को जलभराव दूर करने की नसीहत तो दे रहा है, लेकिन अब तक पालिका प्रशासन पर यह दबाव नहीं बनाया गया है कि फागिग कराएं ताकि मच्छरों का खात्मा हो सके।

मलेरिया विभाग द्वारा भी अब तक एक भी मच्छर को नहीं पकड़ा है। नियम है कि जिस क्षेत्र में डेंगू और बुखार का प्रकोप ज्यादा हो, वहां मलेरिया विभाग की टीम द्वारा मच्छरों को पकड़कर उनकी डेंसिटी की जांच कराई जाए।

सवालों से परेशान हो रहे लोग

सर्वे टीम द्वारा घरों की कुंडी खटकाकर तमाम सवाल पूछे जा रहे हैं। स्थानीय निवासी अरविद, मूलचंद, सरोज का कहना है कि टीम द्वारा कूलर, फ्रिज और वाशिग मशीन के अलावा गमलों में भी जांच की जा रही है। बस यही कहते हैं कि पानी जमा न होने दो, लेकिन सार्वजनिक रास्तों पर जलभराव की शिकायत पर चुप्पी साध लेते हैं। राज्य वित्त आयोग से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बजट जारी नहीं किया गया है। पालिका के पास भी धनराशि की बेहद कमी है। बावजूद इसके हम लगातार छोटी मशीनों की मदद से टेमीफोस और एंटी लार्वा का छिड़काव करा रहे हैं। लगभग सभी कालोनियां पूरी हो चुकी हैं। रही बात फागिग की तो कुछ जगहों पर कराई गई है। अब छोटी मशीनों की मदद से लगातार फागिग कराई जाएगी।

मनोरमा, पालिकाध्यक्ष

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