एक-एक बेड पर बुखार के दो-दो मरीज

जासं, मैनपुरी : बुखार की भयावहता को लेकर जिला अस्पताल की लैब की रिपोर्ट के बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं। मरीजों की बढ़ती तादाद का आलम ये है कि जिला अस्पताल में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।

जिला अस्पताल की लैब द्वारा 58 मरीजों में डेंगू बुखार की पुष्टि की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। हालात को देखते हुए जिला अस्पताल में और इंतजाम होने चाहिए थे, शुक्रवार को वो नजर नहीं आए। इमरजेंसी के 20 बिस्तरों में से एक भी बेड खाली नहीं था। हर एक बिस्तर पर दो और तीन-तीन मरीजों को भर्ती किया गया था। ज्यादातर मरीज बुखार से ही पीड़ित थे।

इसी बीच, शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि डेंगू की जांच अब एलाइजा किट से ही होगी। सामान्य किट प्रतिबंधित कर दी गई। प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर की रिपोर्ट को न मानकर जिला अस्पताल प्रशासन मरीज की अपनी लैब में जांचें कराता था। इसके लिए पहले सामान्य किटों से मरीज की स्थिति देखी जाती थी। प्लेटलेट्स काउंट कम आने पर एलाइजा जांच कराई जाती थी, लेकिन अब शासन ने हर संभावित मरीज की रक्त जांच के लिए एलाइजा परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएस डॉ. आरके सागर का कहना है कि शासन से जैसा निर्देश मिला है हम उसी के आधार पर परीक्षण कराएंगे।

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