विकास को दिखाता आइना, राहें बनीं दलदल और गलियों में कीचड़

विकास का नजारा देखना है तो ग्राम पंचायत मधन आना होगा। राहों पर दलदल के हालात और नालियों में भरी गंदगी गांव के विकास को आइना दिखा रही है। कच्ची राहों पर जलभराव के बाद कीचड़ हो गई है। नारकीय हालातों में जी रहे ग्रामीणों को अब बीमारियों का खतरा सताने लगा है।

JagranMon, 20 Sep 2021 04:30 AM (IST)
विकास को दिखाता आइना, राहें बनीं दलदल और गलियों में कीचड़

संसू, घिरोर: विकास का नजारा देखना है तो ग्राम पंचायत मधन आना होगा। राहों पर दलदल के हालात और नालियों में भरी गंदगी गांव के विकास को आइना दिखा रही है। कच्ची राहों पर जलभराव के बाद कीचड़ हो गई है। नारकीय हालातों में जी रहे ग्रामीणों को अब बीमारियों का खतरा सताने लगा है।

घिरोर-कुरावली मार्ग पर बसे गांव के सामने ही विकास नजर आने लगता है। मुख्य सड़क खराब होने लगी हैं। गांवों में प्रवेश करते ही अब तक हुए विकास का नजारा दिखने लगता है। तमाम राहें आज भी कच्ची हैं। हाल ही हुई बारिश से यहां कीचड़ पैदा हो गई है। इसी दलदल से होकर ग्रामीणों को आना-जाना पड़ता है। गंदगी से भरी नालियों की वजह से घरों का पानी राहों पर बहता रहता है। ऐसा लगता है कि इस गांव की सफाई तो महीनों से नहीं हुई है। मधन खास में सीसी रोड से संतोष नाई वाली गली तो गंदगी से अटी पड़ी है। मजरे भी बदहाल

मुख्य गांव को छोड़िए, इसमें शामिल मजरे भी बदहाल हैं। भगवंतपुर, जगतपुर, ठाकुरपुर, खुशहालपुर, खेरिया, मधुपुर, मानपुर, नगला उदू, गोपालपुर आदि गांवों में भी राहें बदतर हैं। यहां इंटरलाकिग स्वीकृत होने के बाद भी नहीं बनाए गए हैं। बीमारी फैलने का खतरा

अधिकारी भले ही एंटी लार्वा दवा छिड़काव का दावा करें, लेकिन इस ग्राम पंचायत में तो ऐसा कहीं नहीं हुआ है। सफाई के दावे भी यहां हवाई नजर आते हैं। गांव के हरीशंकर, रामसेवक, अच्छन खां, रामवीर, सतीश कुमार, सत्यपाल, दफेदार, अनिल कुमार, सूरज आदि ने डीएम से गांव में मच्छर मारने की दवा का छिड़काव कराने की मांग की है। विकास के नाम पर गांव पिछड़ा हुआ है। राहों पर कीचड़ होने से परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। बारिश में हालात खराब होते हैं।

निहाल सिंह। कीचड़ की वजह से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। नालियां गंदगी से भरी हुई हैं। सफाई तो महीनों से नहीं हुई है। मच्छरों का प्रकोप सताता है।

धर्मपाल। गंदगी की वजह से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड आदि संक्रामक रोगों का खतरा ग्रामीणों पर मंडरा रहा हैं। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हुआ है।

उमेश। विकास नहीं होने से गांव में आज भी तमाम गलियां कच्ची पड़ी हुई हैं। मजरों में तो और बुरा हाल है। विकास की काफी जरूरत है।

रामू चौहान।

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