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किशनी का नैगवां खिरिया बना कोरोना का गढ़, 22 बीमार

किशनी का नैगवां खिरिया बना कोरोना का गढ़, 22 बीमार

जिले में चौबीस घंटों में 114 नए मरीजों में वायरस मिला। वहीं दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर सर्वे कर रही है।

JagranSat, 15 May 2021 06:00 AM (IST)

जासं, मैनपुरी : कोरोना ने गांवों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। किशनी थाना क्षेत्र का गांव नैगवां खिरिया इसका गढ़ बना हुआ है। इसी गांव में 22 लोग कोरोना की चपेट में हैं। इस बीच चौबीस घंटे में जिले में 114 नए मरीजों में वायरस की पुष्टि होने के बाद सभी को होम आइसोलेट कराया गया है।

कोरोना के संक्रमण ने अब गांवों में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। किशनी बड़ा केंद्र बना हुआ है। नैगवां खिरिया में ही 22 लोगों में वायरस मिलने के बाद इस गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर सभी घरों का सर्वे कराया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई बाहर से आया है या फिर किसी को लक्षण दिख रहे हैं तो वे स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर अपनी जांच कराएं। होम आइसोलेशन में रहने वालों से भी स्वास्थ्य अधिकारियों की टीमों द्वारा लगातार संपर्क साधा जा रहा है। इसके अलावा किशनी के किशनपुर और भदेही में भी मरीज मिले हैं। कुरावली के पुनूपुरा, सुजनपुर, मिढावलीकलां, नगला खुमानी, नगला मोहन और बैदनटोला में भी कई कोरोना मरीज हैं। पिछले चौबीस घंटों के अंदर जिले में 114 मरीजों में वायरस मिला है। दो की हुई मौत

कोरोना संक्रमण की वजह से मरीजों की मौतों का सिलसिला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव टिडौली निवासी शारदा देवी (76) पत्नी विद्याराम और शहर के अमर सिंह (85) की कोरोना संक्रमण की वजह से इलाज के दौरान मौत हो गई।

राह मे रौनक, बाजार में सुस्ती

जासं, मैनपुरी: ईद पर चौकस पुलिस की सक्रियता से शहर में गैर किराना की दुकानें नहीं खुल सकीं। वहीं, किराना और फल-सब्जी की दुकानें नियत समय और दवा- खेती किसानी से जुड़ी दुकानें सुबह से शाम तक खुली रहीं। इस दौरान बाजार सूने दिखे तो राह में रौनक नजर आई।

शुक्रवार को ईद होने की वजह से शहर में सुबह से पुलिस सक्रिय थी। ऐसे में कास्मेटिक और अन्य दुकानों के ताले नहीं खुल सके। वहीं किराना और फल-सब्जी की दुकानें सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक ही खुलीं। ऐसे दुकानदारों ने प्रशासन के तय समय से पहले दुकानों पर ताले डाल दिए। ऐसे माहौल से दोपहर के बाद शहर के सभी बाजार सूने हो गए। केवल दवा और खेती से जुड़ी दुकानें ही खुली नजर आई।

ठेल से हो रही सब्जी की बिक्री-

कोरोना काल में अब सब्जी बेचने का अंदाज जुदा हो गया है। पहले दुकान लगाकर सब्जी बेचने वाले कई दुकानदार अब ठेलों से सब्जी बेचने लगे हैं। इससे अब उनके सामने समय की पाबंदी का नियम पालन करने का झंझट भी नहीं है। मुहल्लों में ही सुबह से शाम तक सब्जी बेचते हैं।

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