किसान संगठनों का भारत बंद जिले में पूरी तरह रहा बेअसर

शहर समेत सभी कस्बों के बाजार पूर्व की तरह खुले पुलिस रही तैनात मंडियों में बंद की अपील करते दिखे किसान करहल में निकाला जुलूस

JagranTue, 28 Sep 2021 06:05 AM (IST)
किसान संगठनों का भारत बंद जिले में पूरी तरह रहा बेअसर

जागरण टीम, मैनपुरी: संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद का जिले में कहीं भी असर नहीं दिखा। शहर समेत सभी कस्बों के बाजार रोज की तरह खुले। मंडियों में जरूर किसान नेताओं ने बंद की अपील की। शांति और सुरक्षा के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस तैनात रही। करहल में किसान नेताओं ने जुलूस निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

तीन कृषि कानून के विरोध में भाकियू समेत अन्य किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को भारत बंद का एलान किया था, लेकिन समूचे जिले में इसका असर नहीं दिखा। शहर के सभी बाजार रोज की तरह खुले तो सुबह से शाम तक बाजारों में चहल-पहल नजर आई। वैसे, चौराहे और तिराहों पर पुलिसकर्मी मुस्तैद नजर आए। शहर के बाजारों को बंद कराने के लिए किसी ने प्रयास भी नहीं किए।

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कस्बों में दिखी भीड़भाड़

भारत बंद का कस्बों में भी कोई प्रभाव नहीं दिखा। सभी कस्बों के बाजार अन्य दिनों की तरह खुले तो ग्राहक भी नजर आए। बिछवां, घिरोर, कुसमरा, किशनी और कुरावली के अलावा बेवर, करहल के बाजार पूरी तरह खुले। वैसे, सुरक्षा के लिहाज से पुलिस जरूर तैनात नजर आई।

मंडियों मे पुलिस रही तैनात

शहर की नवीन मंडी के एक गेट पर पुलिस का पहरा रहा। यहां बंद को लेकर कोई गतिविधि नजर नहीं आई। बेवर की नवीन मंडी में पुलिस की मौजूदगी से किसानों की प्रस्तावित बैठक भी नहीं हो सकी। भोगांव गल्ला मंडी में किसानों ने बैठक की। वैसे, प्रशासन ने मजिस्ट्रेट भी तैनात किए थे।

घिरोर में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन करते हुए भाकियू नेता रूपेंद्र शाक्य ने दर्जनों किसानों के साथ एसडीएम रतन वर्मा को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में तीनों कृषि कानून रद कर एमएसपी पर नया कानून बनाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में महेश चंद, रणवीर सिंह, महेश चंद्र तोमर, प्रवेश कुमार, कालराम सिंह, चरण सिंह, सुनहरी लाल, राजवीर सिंह,जिला उपाध्यक्ष अजीत याद लेखराज सिंह आदि किसान शामिल रहे।

करहल में निकाली रैली

किसान संगठनों द्वारा किए गए भारत बंद के एलान पर भाकियू पदाधिकारियों ने तहसील मुख्यालय के पास नारेबाजी कर तहसील मुख्यालय से किशनी चौराहे तक पैदल मार्च किया। तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग की। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम अनिल कुमार कटियार को दिया। किसानों ने तहसील से लेकर करहल के किशनी चौराहे तक सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए पैदल मार्च किया। इस दौरान बाजार की खुली दुकानों को बंद कराने का प्रयास सफल नहीं हुआ। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के भुवनेश राजपूत, उदयवीर सिह, अनुज प्रताप यादव, गणेश राजपूत, जीवन यादव, नसीम पठान , शिशुपाल सिह, योगेंद्र कुमार, सत्यवीर सिह, नत्थूसिंह, सनोज, गेंदालाल, रजनेश, रामनरेश रामकुमार, जयवीर सिह, हृदेश, ग्रीश कुमार, सियाराम, रामखिलाड़ी, चरन सिंह, भारत सिंह समेत तमाम किसान मौजूद रहे।

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