फुल हुआ अस्पताल, बुखार से जूझ रही जिदगी

बुखार से बिगड़े हालात अब काबू से बाहर होने लगे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं है। गांवों में भी हालात बदतर हो रहे हैं। बरनाहल के कसौली में घर-घर चारपाइयां बिछी हुई हैं। हालातों का जायजा लेने के लिए सीडीओ ने गांव में पहुंचकर व्यवस्था देखी।

JagranMon, 20 Sep 2021 04:50 AM (IST)
फुल हुआ अस्पताल, बुखार से जूझ रही जिदगी

जासं, मैनपुरी: बुखार से बिगड़े हालात अब काबू से बाहर होने लगे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं है। गांवों में भी हालात बदतर हो रहे हैं। बरनाहल के कसौली में घर-घर चारपाइयां बिछी हुई हैं। हालातों का जायजा लेने के लिए सीडीओ ने गांव में पहुंचकर व्यवस्था देखी।

जिला प्रशासन की स्थिति यह है कि सामान्य बुखार भी काबू नहीं हो रहा है। सैकड़ों की संख्या में लोग गैर जिलों के प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा नहीं मिलने की वजह से लोग किनारा करने लगे हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल में सभी कमरे पूरी तरह से फुल हो चुके हैं। इनडोर के अलावा बुखार के मरीजों को नेत्र रोग विभाग, जीरियाटिक वार्ड और बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है।

बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव कसौली में स्थिति चिताजनक हो गईं। यहां लगभग 150 लोग बुखार की चपेट में हैं। लगभग हर एक घर में चारपाई बिछी हुई है। स्वास्थ्य सुविधा न मिलने के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को फीरोजाबाद, सिरसागंज और शिकोहाबाद के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रविवार की दोपहर जानकारी होने पर सीडीओ विनोद कुमार सीएमओ डा. पीपी सिंह के साथ गांव पहुंचे। गंदगी देख सीडीओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने लापरवाही पर प्रधान भानु प्रताप एवं सचिव रामप्रताप यादव को फटकार लगाते हुए तत्काल प्रबंध कराने को कहा। ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि अभी तक दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। इस पर उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रविदीप को फागिग के निर्देश दिए। विद्यालय में भी मिली खामियां

सीडीओ ने गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां गंदगी का अंबार मिला। बच्चों ने शिकायत करते हुए बताया कि उन्हें ही बर्तन धोने पड़ते हैं। इस पर सीडीओ ने खंड शिक्षाधिकारी शैलेंद्र सिंह और अध्यापक जितेंद्र को फटकार लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। अध्यापक वीरेंद्र भी सीडीओ की परीक्षा में फेल हो गए। वे बोर्ड पर बीएससी शब्द भी नहीं लिख पाए। अध्यापक प्रीती भी अंग्रेजी में जवाब नहीं दे सकीं। गांवों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी प्रधान और सचिव सफाई पर ध्यान देते हुए फागिग कराएं। औचक निरीक्षण में यदि गंदगी मिलती है और ग्रामीणों द्वारा शिकायत की जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।

विनोद कुमार, सीडीओ

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