यूनिफार्म के लिए 91 हजार विद्यार्थियों को धन का इंतजार

पड़ताल जिले के करीब 81000 विद्यार्थियों को अब तक मिली है धनराशि शासन से सीधे खाते में भेजी गई 60 हजार अभिभावकों को मिला लाभ

JagranWed, 01 Dec 2021 06:00 AM (IST)
यूनिफार्म के लिए 91 हजार विद्यार्थियों को धन का इंतजार

केस-एक सदर ब्लाक के गांव देवामई में संचालित कंपोजिट विद्यालय में 400 से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कुछ मंगलवार को बिना यूनिफार्म के आए तो प्रधानाध्यापिका वर्तिका अवस्थी ने उनसे कारण पूछा। उन्होंने बताया कि अधिकांश विद्यार्थियों को राश मिल चुकी है, कुछ के खाते संचालित नहीं होने से दिक्कत है, इनको क्रियाशील कराया जा रहा है।

केस-दो : गणेशपुर में संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में साठ विद्यार्थियों का नाम दर्ज हैं। कई तो मंगलवार को बिना यूनिफार्म के आए। सहायक शिक्षिका नेहा हजेला ने बताया कि ऐसे विद्यार्थियों को रोज टोका जाता है, इनके अभिभावकों से भी शासन से मिली राशि से सभी सामान खरीदने को कहा गया है। कुछ विद्यार्थियों को अभी तक यह राशि नहीं मिली है।

जासं, मैनपुरी: बेसिक के स्कूलों में पढ़ रहे करीब 91000 विद्यार्थियों को यूनिफार्म आदि खरीदने के लिए शासन से मिलने वाली धनराशि का इंतजार है। वहीं करीब 81000 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में यह राशि भेजी जा चुकी है। अब विभाग अगले माह तक सभी के बैंक खाते में धनराशि आने की बात कह रहा है।

बेसिक के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बीते साल तक यूनिफार्म, बैग, जूते-मौजे और स्वेटर आदि शिक्षकों के जरिये दिए जाते थे। सामान की क्वालिटी और कीमत को लेकर सवाल भी उठते रहे। ऐसे में इस शिक्षा सत्र से शासन ने शिक्षकों और फर्म के बजाय ड्रेस, जूते, मोजे और बैग खरीदने के लिए धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजने की व्यवस्था की है। इसके सुविधा के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार नंबर को बैंक खाते से जोड़कर धनराशि सीधे ही डीबीटी के जरिये खाते में भेजने की व्यवस्था हुई है। इसी के तहत संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने डीवीटी से अभिभावकों को प्रेरणा एप पर लिक किया था।

बीएसए कमल सिंह ने बताया कि अब तक करीब 60000 अभिभावकों के 81200 बच्चों के लिए शासन ने यह धनराशि भेजी है, अन्य अभिभावकों को भी जल्द मिल जाएगी। कुछ खाते लिक होने से शेष हैं, तेजी से काम को पूरा कराने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक छात्र के अभिभावक के खाते में 1100 रुपये भेजे गए हैं। इस धनराशि से दो जोड़ी ड्रेस, एक जोड़ी जूते, दो जोड़ी मोजे और एक बैग, स्वेटर खरीदा जाना है। बीईओ को भेजा पत्र

डीवीटी के जरिये मिली धनराशि से ड्रेस, जूते-मोजे और बैग, स्वेटर आदि खरीदने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए सभी बीईओ को पत्र भेजा है, जिससे विद्यार्थी गणवेश में स्कूल आएं। -कमल सिंह, बीएसए।

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