परीक्षाएं रद होने से मालामाल हो गए शिक्षा बोर्ड

कोरोना संक्रमण के चलते हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं रद की गई। इन परीक्षाओं पर खर्च होने वाला खर्चा बचा है।

JagranMon, 21 Jun 2021 04:15 AM (IST)
परीक्षाएं रद होने से मालामाल हो गए शिक्षा बोर्ड

जासं, मैनपुरी: कोरोना काल में दसवीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद होने से सीबीएसई और यूपी बोर्ड मालामाल हो गया है। सीबीएसई बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन और परीक्षाओं के नाम पर हाईस्कूल में प्रति छात्र दो हजार और इंटरमीडिएट में प्रति छात्र 2800 रुपये वसूले थे। वहीं, यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के छात्रों से 550 और इंटरमीडिएट में प्रति छात्र से 650 रुपये परीक्षा शुल्क के रूप में वसूले थे।

इस साल यूपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12 वीं की परीक्षा रद कर दी हैं। परीक्षा रद होने से दोनों बोर्ड कई खर्चे उठाने से बच गए हैं। अब बोर्ड को न तो पेपर चेकिग के पर्यवेक्षकों को शुल्क देना होगा और न ही उत्तर पुस्तिकाओं को एकत्रित कर मूल्यांकन सेंटर पर पहुंचाने का खर्च उठाना होगा। ऐसे में अकेले मैनपुरी जिले से हजारों छात्रों से करीब पांच करोड़ रुपये वसूल चुके दोनों बोर्ड की चांदी हो गई है। परीक्षा रद होने से दोनों बोर्ड कई प्रकार के खर्चे उठाने से बच गया है। सीबीएसई बोर्ड ने वसूला ये शुल्क

हाईस्कूल के 3100 विद्यार्थियों से दो हजार रुपये प्रति छात्र के हिसाब से 62 लाख और इंटरमीडिएट में 2400 छात्रों से 2800 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से 67.20 लाख रुपये शुल्क लिया गया था। यानी कुल 1.27 करोड़ रुपये वसूले गए थे।

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यूपी बोर्ड-

हाईस्कूल के 34121 छात्रों से 550 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से 1.87 करोड़ और इंटरमीडिएट के 29286 छात्रों से 650 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से 1.90 करोड़ रुपये शुल्क के रूप में लिए गए हैं। -कहां-कहां होता है खर्च-

- परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र और आंसरसीट प्रिट करवाना।

- अधीक्षक, उप अधीक्षक सहित परीक्षा मे तैनात स्टाफ को मानदेय देना।

- पेपर चेकिग के लिए पर्यवेक्षकों को मानदेय देना।

- पेपरों को परीक्षा केंद्रों पर छोड़ना और वापस लाना।

- रिजल्ट तैयार करने के लिए तैनात स्टाफ को मानदेय देना।

- इसके अलावा अन्य प्रकार के खर्च।

परीक्षाएं रद हुई हैं, लेकिन प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं प्रिट हुई हैं या नहीं, इसकी जानकारी बोर्ड के अलावा किसी को नहीं है। शुल्क वापसी होगी या नहीं, इस संबंध में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा।

- मनोज वर्मा, डीआइओएस। परीक्षा रद हो चुकी हैं। काफी शुल्क छात्रों से लिया गया है। सीबीएसई की ओर से कोई शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

- डा. राममोहन, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई।

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