इलाज को डाक्टर मौजूद, एक्सरे-अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं

सीएचसी भांवत पर पांच डाक्टरों की तैनाती है। इनमें से दो की जिला मुख्यालय पर ड्यूटी लगी है। यहा पर एआरवी कोरोना सैंपल लेने की भी सुविधा उपलब्ध हैं।

JagranFri, 28 May 2021 05:59 AM (IST)
इलाज को डाक्टर मौजूद, एक्सरे-अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं

संवाद सूत्र, अजीतगंज, मैनपुरी: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह देने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भांवत में चिकित्सक हैं, लेकिन एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। ऐसे में इस सुविधा का लाभ लेने के लिए गरीब मरीजों को कई किलोमीटर दूर जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है या फिर निजी केंद्रों पर महंगी जांच करानी पड़ रही है।

गुरुवार सुबह 11 बजे जागरण टीम सीएचसी भांवत पहुंची। 20 बेड के इस अस्पताल में दो गर्भवती महिलाएं भर्ती थीं। कुछ गर्भवती महिलाएं टीकाकरण व उपचार संबंधी परामर्श चिकित्सक से ले रहीं थीं। एक बुजुर्ग अपने नाती को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने आए थे। फार्मासिस्ट अतुल पाल द्वारा इंजेक्शन लगाया गया। अस्पताल में मरीजों का रजिस्ट्रेशन काउंटर सूना पड़ा था, वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। फार्मासिस्ट अतुल पाल ने बताया कि अधिकांश बीमारियों की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। केंद्र पर सामान्य जांच की सुविधा है, परंतु एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। इन जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। सीएचसी पर प्रतिदिन कोरोना जांच को सैंपल लिए जा रहे हैं। मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी डा. अर्जुन सिंह और डा. राकेश पाल सिंह संभालते हैं। गुरुवार को भी सभी चिकित्सक मौजूद थे। चिकित्साधीक्षक प्रदीप यादव ने बताया स्वास्थ्य केंद्र पर आए मरीजों को समुचित उपचार देना हमारा उद्देश्य है। प्रतिदिन खांसी, जुकाम, बुखार आदि बीमारी से ग्रसित 25 से 30 लोग उपचार के लिए आते हैं। केंद्र पर 21 एएनएम तैनात हैं। सीएचसी के क्षेत्र में पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, इन केंद्रों पर नियमानुसार डाक्टरों की तैनाती है। गंभीर हालत होने पर ही मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है।

पांच में से दो डाक्टरों की जिला मुख्यालय पर ड्यूटी

सीएचसी पर चिकित्सा अधीक्षक समेत पांच चिकित्सक तैनात हैं। इनमें से डा. अतुल दीप व डा. विनोद कुमार की ड्यूटी जिला मुख्यालय पर बने कोविड एल-2 अस्ताल में लगी हैं। दो रेपिड रेस्पांस टीमें सक्रिय हैं। इनमें डा. निखिल गुप्ता, डा. प्रियंका शुक्ला, डा. चारू, डा. उमेंद्र भदोरिया शामिल हैं। सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड और एक्स रे मशीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। शेष सभी सुविधाएं स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध हैं।

डा. प्रदीप यादव, चिकित्साधीक्षक, सीएचसी भांवत।

ग्रामीण क्षेत्र की सीएचसी और पीएचसी पर संसाधनों की कमी को लेकर मंथन किया जा रहा है। जल्द ही सुविधाएं बढ़ाने का काम किया जाएगा।

डा. एके पांडेय, सीएमओ

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