वैक्सीनेशन में प्रोटोकाल को तिलांजलि

स्वास्थ्य केंद्रों पर खुलेआम स्वास्थ्य अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। वैक्सीनेशन को लेकर बनाए गए नियम धड़ाम हो गए हैं।

JagranTue, 08 Jun 2021 04:58 AM (IST)
वैक्सीनेशन में प्रोटोकाल को तिलांजलि

जासं, मैनपुरी : वैक्सीनेशन को लेकर तो स्वास्थ्य विभाग उत्साह दिखा रहा है, लेकिन इससे जुडे़ प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केंद्रों पर सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम ही नहीं हैं। मनमाने ढंग से पूरी व्यवस्था सिर्फ एएनएम के सहारे छोड़ दी गई है।

शहर में 18 वर्ष से ज्यादा के युवाओं के लिए बर्न वार्ड में वैक्सीनेशन के प्रबंध कराए गए हैं। यहां तीन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। आनलाइन स्लाट बुक कराकर यहां पहुंचने वाले युवाओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके सत्यापन के लिए कोई अतिरिक्त काउंटर न होने की वजह से सीधे वैक्सीनेशन कक्ष में ही पहुंचना पड़ता है। तीनों सत्र स्थल आपस में सटे हुए हैं। लिहाजा एक साथ कई युवाओं के यहां पहुंचने की वजह से यहां भीड़ लग जाती है। शारीरिक दूरी का नियम टूटता है। वेटिग रूम की व्यवस्था न होने के कारण युवाओं को या तो खडे़ होकर अपना समय गुजारना पड़ रहा है या फिर परिसर में टहलकर।

वैक्सीनेशन के बाद आधा घंटा तक रुकने के नियम हैं, लेकिन बर्न वार्ड में कुर्सियों का अभाव होने की वजह से ज्यादातर युवा वैक्सीन लगवाकर सीधे अपने घर जा रहे हैं। जो यहां रुकते भी हैं उन्हें खाली कमरों में खडे़ होकर ही आधा घंटा का समय बिताना पड़ रहा है। ये है वैक्सीनेशन का कोविड प्रोटोकाल

युवाओं की मुख्य द्वार पर ही थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी, ताकि उनके शारीरिक ताप की जानकारी मिल सके।

- वेटिग रूम में कुर्सियों पर इन्हें उचित दूरी के अनुसार बिठाया जाएगा।

- तीसरे काउंटर पर सभी दस्तावेज जांचे जाएंगे। उसके बाद वैक्सीनेशन कक्ष में भेजा जाएगा।

- वैक्सीन लगने के बाद आधा घंटा तक रोककर मानीटरिग कराई जाएगी। जिस कक्ष में इन्हें रोका जाना है वहां भी कुर्सियों के पर्याप्त प्रबंध होने चाहिए।

- एक प्रशिक्षित स्टाफ नर्स के साथ दवाओं और आक्सीजन सिलिडर की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही एक बेड भी रखवाया जाए, ताकि तबीयत बिगड़ने पर मरीज को मौके पर ही उपचार दिया जा सके।

- हाथों को साफ रखने के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था होनी चाहिए।

आपत्ति पर पहुंचे एसडीएम ने देखी व्यवस्था, दिए निर्देश

कुछ जागरूक युवाओं द्वारा प्रोटोकाल में लापरवाही को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत की गई। एसडीएम सदर ऋषिराज, डा. पपेंद्र कुमार के साथ यहां पहुंचे। उन्होंने वेटिग रूम में पर्याप्त सुविधा के साथ कुर्सियां रखवाए जाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि वैक्सीन की डोज बर्बाद न हों, इसके लिए जब 10 लोग आ जाएं, तभी वैक्सीनेशन शुरू किया जाए। वैक्सीनेशन के कार्यक्रम में प्रोटोकाल की मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी। जो नियम है, उसका पालन करते हुए वैक्सीन लगाई जाए। यदि केंद्रों पर लापरवाही मिलती है तो वहां के चिकित्सकों को इसका स्पष्टीकरण देना होगा।

डा. एके पांडेय, सीएमओ।

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