फैलने लगा डायरिया, दो दर्जन बच्चे भर्ती

जिला अस्पताल के इनडोर में बचों को उपचार मिल रहा है। मौसम में बदलाव के कारण डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं।

JagranThu, 24 Jun 2021 04:55 AM (IST)
फैलने लगा डायरिया, दो दर्जन बच्चे भर्ती

जासं, मैनपुरी : केस एक :

कस्बा घिरोर निवासी अभय (9) पुत्र अमितोश को उल्टी और दस्त होने के बाद स्वजन द्वारा इमरजेंसी लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद बालक को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। केस दो :

शहर के मुहल्ला देवपुरा निवासी रागिनी (13) को भी पांच से छह बार दस्त होने के बाद स्वजन इमरजेंसी लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार देने के बाद बालिका को भी इमरजेंसी में ही भर्ती कराया गया। सिर्फ दो मामले ही नहीं, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना दर्जनभर बच्चों को डायरिया की शिकायत होने पर उपचार दिलाया जा रहा है। ओपीडी की स्थिति भी यही है। यहां दो दर्जन से ज्यादा मामले प्रतिदिन डायरिया और पेट दर्द से संबंधित ही पहुंच रहे हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डा. डीके शाक्य का कहना है कि गर्मी में तला-भुना या अपाच्य भोजन खाने से उल्टी और दस्त की समस्या शुरू हो जाती है। कई बार गर्मी की वजह से भी यह दिक्कत होती है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन इस समस्या से ग्रस्त बच्चे और बुजुर्ग पहुंच रहे हैं। कुछ की स्थिति तो बेहद खराब रहती है। अगर समय पर उपचार न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। खानपान का रखें ख्याल

बाल रोग विशेषज्ञ डा. संदीप कुमार का कहना है कि गर्मी में बच्चों के खानपान का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। रात का रखा भोजन और कटे हुए फल आदि का सेवन न करें। बाजार की तली-भुनी चीजों को खाने से परहेज रखें। अपाच्य भोजन ही डायरिया की वजह बनता है। न होने दें पानी की कमी

100 शैया अस्पताल के चिकित्सक डा. अभिषेक दुबे का कहना है कि उल्टी और दस्त में शरीर में पानी की कमी होने लगती है। जिससे शरीर पूरी तरह से शिथिल और बेजान हो जाता है। ऐसी स्थिति होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल दें। वयस्क इस समस्या से बचने के लिए दिन भर में कम से कम पांच से छह लीटर पानी का सेवन करें। बुखार का प्रकोप बढ़ा, मासूम की मौत

जासं, मैनपुरी: उमस भरी गर्मी और मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित बच्चों को लेकर अभिभावक पहुंच रहे हैं। इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई, जबकि कई बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया है।

इन दिनों बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी में सबसे ज्यादा बच्चों को लेकर अभिभावक पहुंच रहे हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डा. डीके शाक्य का कहना है कि प्रतिदिन दर्जन भर बच्चों को बुखार की शिकायत पर स्वजन लेकर आ रहे हैं। सामान्यत: सर्दी देकर बुखार आ रहा है। असल में यह मौसमी परिवर्तन के साथ होने वाली सामान्य समस्या है, लेकिन अनदेखी भारी पड़ सकती है। 100 शैया अस्पताल के चिकित्सक डा. अभिषेक दुबे का कहना है कि बच्चे मौसम में परिवर्तन के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। इसलिए उनकी देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। औंछा थाना क्षेत्र के गांव नरैनीपुर निवासी विपिन कुमार के दो माह के पुत्र अंश को बुखार की शिकायत होने पर स्वजन इमरजेंसी लेकर पहुंचे जहां मासूम की मौत हो गई।

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