सड़े-गले गेंहू वितरण पर निरीक्षक बोले, होता रहता है

शुक्रवार को दोपहर का समय। कुछ उपभोक्ता सड़ा-गला गेंहू लेकर जिला आपूति

JagranSat, 24 Jul 2021 05:04 AM (IST)
सड़े-गले गेंहू वितरण पर निरीक्षक बोले, होता रहता है

जासं, मैनपुरी: शुक्रवार को दोपहर का समय। कुछ उपभोक्ता सड़ा-गला गेंहू लेकर जिला आपूर्ति कार्यालय पहुंचे। पूर्ति निरीक्षक को ये गेंहू दिखाया। निरीक्षक ने कहा कि ये तो होता रहता है। बड़े अधिकारी भी तो बैठे हैं, उनसे शिकायत क्यों नहीं करते? फिर कहा कि गेंहू वापस कर दें, नया मिल जाएगा। कब? निरीक्षक का कहना था कि ये गेंहू जांच के लिए जाएगा, परीक्षण रिपोर्ट आएगी, इसके बाद ही दूसरा गेंहू मिलेगा। तब तक गरीब क्या खाएगा, के सवाल पर बोलती बंद हो गई।

दरअसल, शहर के हरिदर्शन नगर स्थित दुकान पर शुक्रवार को जरूरतमंद राशन लेने पहुंचे थे। यहां सड़ा-गला गेंहू दिया जा रहा था। उपभोक्ताओं की आपत्ति पर डीलर ने एक के बाद एक करके तीन बोरे खोले। सभी में गेंहू खराब था। काला-काला और टुकड़े-टुकड़े। चौंकाने वाली बात ये थी कि बारदाना नया था। बोरा खोलने पर सड़े-गले दानों के बीच कुछ दाने अच्छे भी थे। उपभोक्ताओं का कहना था कि अगर पूरा बोरा ही मौसम में खराब होता तो अच्छे दाने कैसे बच गए? डीलर कोई जवाब नहीं दे पाया। इसी बीच, कुछ उपभोक्ता बोरी लेकर आ गए। घर पर खराब गेंहू देख ये वापस करने आए थे। डीलर ने अपनी मजबूरी बताते हुए वापसी से इन्कार कर दिया।

इसके बाद उपभोक्ता कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपूर्ति कार्यालय पहुंचे। यहां पूर्ति निरीक्षक दीपक जैन से शिकायत की। यहां पर दो डीलर पहले से ही थे। खराब गेंहू की शिकायत पर जैसे ही ये दोनों डीलरों ने हां में हां मिलाई तो निरीक्षक ने इशारे से उन्हें खामोश कर दिया। इसके बाद उपभोक्ताओं से बोले कि ये तो होता ही रहता है, गेंहू खराब है तो वापस कर दें। नया कब मिलेगा? निरीक्षक ने कहा कि जांच होगी, इसके बाद ही मिल पाएगा। तब तक गरीब कैसे अपना पेट भरेगा, के सवाल पर निरीक्षक चुप हो गए। फिर बोले, हमारे स्तर का मामला तो है नहीं। गोदाम प्रभारियो से शिकायत करो, बड़े अधिकारी भी तो इसके लिए बैठे हैं। निराश उपभोक्ता यहां से चले आए।

उपभोक्ताओ की सुनिए

देवपुरा की सुमित्रा देवी कह रही थीं कि इस गेंहू को खा भी नहीं सकते। डीलर वापस नहीं ले रहा है। हरिदर्शन नगर कालोनी की सर्वेशी देवी ने बताया कि गेहूं काला है। मिट्टी के गोले मिले हुए हैं। हाथों से मसलने पर दाने भी सड़े हुए निकल रहे हैं। ऐसा गेहूं तो जानवर भी न खाएं। डीलरों ने जताई असमर्थता

कुछ डीलरों ने बताया कि उनके यहां कई बोरों में गेहूं सड़ा हुआ निकला है। उपभोक्ता ऐसे अनाज को ले नहीं रहे हैं। गोदाम प्रभारियों की दबंगई में राशन उठाना पड़ता है।

बोले जिम्मेदार

यह सीधे तौर पर गोदाम प्रभारियों की लापरवाही है, जिसकी जांच जरूरी है। डीलरों के यहां जो बारदाना भेजा गया है, उसकी जांच कराई जाएगी। आखिर ऐसा संभव कैसे है कि सूखे बारदाना में सड़ा अनाज निकले। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी जाएगी।

-उदित नारायण सिंह

जिला खाद्य वितरण अधिकारी वापस कर दें खराब गेंहू

उपभोक्ता खराब गेहूं को वापस कर दें। उन्हें अच्छा गेहूं दिलवाया जाएगा। अब इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं खराब निकल रहा है इसकी शिकायत किसी ने नहीं की।

- खलीलुद्दीन, मार्केटिग प्रभारी, मैनपुरी।

ये है स्थिति

780 राशन डीलर हैं

03 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं

06 गोदाम हैं सरकारी राशन के

05 किलो राशन मिलता है प्रति यूनिट

इन्हें मिलता है राशन

- अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को

- कोरोना काल में जून, जुलाई, अगस्त तक मुफ्त राशन का है आदेश

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