करीमगंज तालाब की शुरू हुई सफाई

गांव करीमगंज की मुश्किल बने तालाब के अच्छे दिन आने वाले हैं। गांव का तालाब लंबे समय से गंदगी से जूझ रहा है। बीते साल गांव में बुखार का जबर्दस्त प्रकोप हुआ था। इस साल भी लोग बीमार हुए। दो साल में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसके बाद तालाब की सफाई की मांग उठी थी। जागरण ने भी पूर्व में इस मामले को उठाया था। अब शनिवार को तालाब की सफाई का काम शुरू हो गया।

JagranSun, 26 Sep 2021 04:47 AM (IST)
करीमगंज तालाब की शुरू हुई सफाई

संवाद सूत्र, बिछवां: गांव करीमगंज की मुश्किल बने तालाब के अच्छे दिन आने वाले हैं। गांव का तालाब लंबे समय से गंदगी से जूझ रहा है। बीते साल गांव में बुखार का जबर्दस्त प्रकोप हुआ था। इस साल भी लोग बीमार हुए। दो साल में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसके बाद तालाब की सफाई की मांग उठी थी। जागरण ने भी पूर्व में इस मामले को उठाया था। अब शनिवार को तालाब की सफाई का काम शुरू हो गया। मैनपुरी ब्लाक के गांव करीमगंज में कई तालाब बने हैं। इनसे गांव के अंदर बने मुख्य तालाब की बदहाली वर्षों से चली आ रही है। यह तालाब करीब चार बीघा का है, जिसमें पूरे गांव का पानी जमा होता है। लंबे समय से इसकी सफाई नहीं हुई। तालाब के अंदर और बाहर गंदगी का अंबार लगा है। जलमंजनी फैली हुई है। बारिश में तालाब ओवरफ्लो होता है और गलियों-घरों में पानी भर जाता है। तालाब के कारण गांव में मच्छर भी पनपते हैं। बीते साल गांव में बुखार के प्रकोप से दो दर्जन की जान चली गई थी। इस साल भी दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हो चुके हैं। पूर्व में जागरण ने तालाब की परेशानी को उजागर किया था। जिसके बाद अधिकारियों ने योजना बनाकर काम करने की बात कही थी। अब प्रधान बीना शाक्य के सहयोग से तालाब की सफाई की योजना बनाई गई है। शनिवार को ग्राम विकास अधिकारी सुखदेव और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कैलाश शाक्य ने अपनी देखरेख में सफाई कार्य शुरू कराया। पहले चरण में जेसीबी की मदद से तालाब के किनारे की गंदगी को साफ किया गया। झाड़ियों को साफ कर जलमंजनी को हटाया गया। यह काम लगातार जारी रहेगा। सफाई के लिए एक नाव की व्यवस्था भी की गई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत निधि से कार्य कराया जा रहा है। सफाई के बाद सुंदरीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। ग्रामीण में छाया उत्साह

तालाब की सफाई शुरू होने से ग्रामीण भी उत्साह में हैं। ग्रामीण अवनीश गुप्ता, प्रशांत पांडे, बिद कुमार, आदेश आदि ने बताया कि सालों बाद तालाब की दिन सुधर जाएंगे। इससे गांव में बीमारी का खतरा कम होगा और जलभराव की समस्या का भी निदान हो जाएगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.