जिले में 30 हजार पशुओं की सुधारी जाएगी नस्ल

जिले में आज से शुरू होगा राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम चिह्नित गांवों के पशुओं का चिकित्सक कराएंगे कृत्रिम गर्भाधान

JagranSun, 01 Aug 2021 06:00 AM (IST)
जिले में 30 हजार पशुओं की सुधारी जाएगी नस्ल

जासं, मैनपुरी: जिले की गाय और भैंस की नस्ल सुधारने का अभियान आज से शुरू होगा। इसके तहत जिले में 30 हजार भैंस और गाय का कृत्रिम गर्भाधान करके उनकी नस्ल में सुधार किया जाएगा। नई नस्ल तैयार होने के बाद दूध के उत्पादन में बढ़ोतरी हो जाएगी। गोकुल मिशन के तहत पूर्व में दो चरण पूरे किए जा चुके हैं। इन दोनों चरणों में भी पशुओं की नस्ल सुधारने का काम हुआ था। अब एक बार फिर यह अभियान चलेगा।

जिले में तमाम ऐसी गाय और भैंस हैं, जो अधिक दूध नहीं देती हैं। गायों में दो से चार लीटर और भैंस में तीन से छह दो लीटर दूध ही निकलता है। इस कारण लोग गायों का दूध निकालने के बाद छुट्टा छोड़ देते हैं। दूध का उत्पादन बढ़ाने व गायों को छुट्टा छोड़ने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार के राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत अच्छी नस्ल के बीज से जानवरों का कृत्रिम गर्भाधान कराया जा रहा है।

इसके तहत भैंस में मुर्रा प्रजाति का बीज और गायों में थारपरकर, साहीवाल या हरियाणिवी प्रजाति के बीज से कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा। यह अभियान एक अगस्त से शुरू होगा, जो अगले साल 31 मई तक चलेगा। इसके तहत जिले की तीस हजार गायों और भैंसों का कृत्रिम गर्भाधान कर उनकी नस्ल में सुधार किया जाएगा। अब तक कई हजार का हुआ सुधार

योजना के तहत पिछले दो साल से जिले में अभियान चल रहा है। पहले वर्ष में सौ गांवों की 4554 गाय और भैंस में कृत्रिम गर्भाधान किया गया। दूसरे साल में दो सौ गांवों के 27508 पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान किया गया। अब तीसरे साल 30 हजार पशुओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान एक अगस्त से शुरू होगा। यह अभियान अगले साल मई तक चलाया जाएगा। इससे गायों और भैंसों की नस्ल में सुधार होगा, जिससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा। इसे लिए पशुओं का सर्वे पूर्व में ही किया जा चुका है।

-डा. पीके शर्मा , मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

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