मांगों को लेकर डीएम दफ्तर पर गरजे ग्रामीण

संस्थापक अध्यक्ष कैलाश प्रजापति ने कहा कि जिले में प्रत्येक दिन चौराहों पर मजदूर काम की तलाश में आते हैं लेकिन कई बार उन्हें काम न मिलने की स्थिति में निराश लौटना पड़ता है। जिसके कारण उनके बच्चे भी मजदूरी पर आश्रित होने को विवश हैं। इसलिए हमें काम न मिलने की दशा में 15 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। जो गरीब मकान और शौचालय से वंचित हैं उन्हें चिन्हित कर आवास और शौचालय की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।

JagranWed, 27 Oct 2021 01:59 AM (IST)
मांगों को लेकर डीएम दफ्तर पर गरजे ग्रामीण

महराजगंज: मजदूर किसान सेवा समिति के तत्वावधान में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना। हक के लिए खूब गरजे। इसके बाद 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। 15 दिनों में मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

संस्थापक अध्यक्ष कैलाश प्रजापति ने कहा कि जिले में प्रत्येक दिन चौराहों पर मजदूर काम की तलाश में आते हैं, लेकिन कई बार उन्हें काम न मिलने की स्थिति में निराश लौटना पड़ता है। जिसके कारण उनके बच्चे भी मजदूरी पर आश्रित होने को विवश हैं। इसलिए हमें काम न मिलने की दशा में 15 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। जो गरीब मकान और शौचालय से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर आवास और शौचालय की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। बाढ़ से प्रभावित किसानों के फसल की क्षति का आंकलन कर मुआवजा दिलाया जाए। पेंशन योजना के लाभार्थियों को गांव में चौपाल लगाकर पेंशन स्वीकृत किया जाए। चानकी पुल से जंगल गुलहरिया तक पक्की सड़क बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नौतनवा क्षेत्र के अंतर्गत सेमरहवा व सिरसिया नदी घाट पर दर्जनों गांव का आवागमन सिर्फ नाव द्वारा होती है। बाढ़ के समय में वह भी बंद हो जाता है। जिससे सभी लोगों का संपर्क टूट जाता है। तत्काल पुल बनवाकर समस्या का समाधान कराया जाए। गुलाबी प्रजापति, शत्रुघ्न प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति, त्रिभुवन प्रजापति, लक्ष्मण प्रजापति, शिवमहिमा, अंकित यादव, राजहंस गौतम, रिकी गौतम, मनीष, राहुल, इंद्रावती आदि उपस्थित रहे। मांगों को लेकर रसोइयों ने दिया धरना

महराजगंज: राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले रसोइयों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी रसोइयों के आंदोलन का समर्थन किया। शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हक की आवाज बुलंद की।

प्राशिसं के जिलाध्यक्ष केशवमणि त्रिपाठी ने कहा कि रसोइयों की मांग जायज है। इसे अतिशीघ्र पूरा किया जाए। प्राथमिक शिक्षक संघ रसोइयों के साथ है। उनका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रसोइया फ्रंट के जिला संरक्षक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार रसोइयों को न्यूनतम वेतन दे तथा 2005 से न्यूनतम वेतन का अंतर सहित दिया जाए।

रसोइया फ्रंट की जिलाध्यक्ष संध्या देवी ने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना में रसोइया पद पर हर वर्ष हो रही भर्ती तत्काल बंद किया जाए। पूर्व में कार्यरत रसोइयों का नवीनीकरण किया जाए, ताकि उनकी रोजी-रोटी बनी रहे। संविलियन को समाप्त कर निकाली गई रसोइयों को तत्काल बहाल करने का आदेश जारी किया जाए। सभी रसोइयों का दुर्घटना बीमा के साथ-साथ कोई घटना होने पर उत्तराधिकारी को हमारे स्थान पर नियुक्त किया जाए। इस दौरान रामसेवक, श्रीराम निषाद, दुर्गेश, महेश, राममिलन, सरोज, महेश, गायत्री, रीता, पाना देवी आदि उपस्थित रहीं।

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