सार्वजनिक संपत्ति का करें सम्मान, बढ़ाएं मान

सरकारी संपत्ति की रक्षा में वर्तमान कानून को कमजोर बताते हुए इसे और अधिक कठोर बनाने के सुझाव भी दिए गए हैं। अब गृह मंत्रालय इस कानून को सख्त बनाने की दिशा मे सक्रिय हुआ है तथा इस संबंध में देशभर से राय व सुझाव भी मांगें हैं।

JagranThu, 23 Sep 2021 02:18 AM (IST)
सार्वजनिक संपत्ति का करें सम्मान, बढ़ाएं मान

महराजगंज : सरकार ने राष्ट्रहित में एक सही कदम उठाने की पहल की है और इस दिशा में गंभीर प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। वैसे तो प्रदर्शनों व आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने बहुत पहले ही एक कमेटी गठित कर दी थी। इस कमेटी को यह सुझाव देना था कि प्रिवेंशन आफ डैमेज टू पब्लिक प्रापर्टी कानून 1984 को किस तरह से और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। लेकिन काफी समय तक इस दिशा में कोई विशेष प्रगति नहीं हुई थी। अभी हाल मे कमेटी ने अपनी सिफारिशें सरकार को दे दी है। इसमें सरकारी संपत्ति की रक्षा में वर्तमान कानून को कमजोर बताते हुए इसे और अधिक कठोर बनाने के सुझाव भी दिए गए हैं। अब गृह मंत्रालय इस कानून को सख्त बनाने की दिशा मे सक्रिय हुआ है तथा इस संबंध में देशभर से राय व सुझाव भी मांगें हैं। इस कानून को कुछ इस तरह से सख्त बनाया जाएगा कि प्रदर्शनों व आंदोलनों के दौरान किए गए सरकारी संपत्ति के नुकसान के लिए अब भारी जुर्माना देना पड़े तथा लंबी कैद की सजा भी।

यह बातें नौतनवा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य जनमेजय सिंह ने जागरण की संस्कारशाला में कही। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि किसी मुहल्ले में बिजली की परेशानी हो या फिर पानी की समस्या, देखते-देखते लोग सड़क जाम कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर देते हैं। पुलिस के थोड़ा भी बल प्रयोग या विरोध से? यह प्रदर्शन आगजनी व तोड़फोड़ के हिसक प्रदर्शन में बदल जाता है। दुखद स्थिति तो यह है कि अपने गुस्से का इस प्रकार से? इजहार करते हुए शायद ही कभी किसी ने सोचने की जहमत उठाई हो कि आखिर यह सरकारी संपत्ति आई कहां से? क्षण मात्र के अगर यह विचार मस्तिष्क में कौंध जाए तो संभवत: उठे हुए हाथ वहीं ठहर जाएं। लेकिन ऐसा होता नहीं है। सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करें और इसका मान बढ़ाएं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.