सायफन जाम होने से जलमग्न हुआ सैकड़ों एकड़ खेत

ग्राम झूलनीपुर सेमरहना बहुआर मिश्रौलिया शितलापुर गिरहिया ढेसों आदि ग्राम सभा के खेत जलमग्न हो गए हैं। पानी जमा होने से इन ग्राम सभाओं के खेत में खड़े गन्ने की फसल सूख रही है। साथ ही खेतों में ज्यादा पानी होने से धान की नर्सरी भी डूब गई है।

JagranTue, 22 Jun 2021 02:03 AM (IST)
सायफन जाम होने से जलमग्न हुआ सैकड़ों एकड़ खेत

महराजगंज : निचलौल तहसील क्षेत्र के ग्राम अमड़ी के पास गंडक नहर में लगे सायफन के जाम होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। जिससे भाठ क्षेत्र के करीब 10 गांवों के सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। जिसके पानी के निकलने की व्यवस्था नहीं बनी तो इस वर्ष धान की खेती नहीं हो पाएगी। साथ ही खेत में खड़ा गन्ना पानी लगने से सड़कर सूख जाएगा। क्षेत्र के ग्रामीण अल्ताफ शेख, इसराइल शेख, सगीर, अंबरीश तिवारी, उमाशंकर पाल, प्रेम नारायण पांडेय, अरविद पांडेय, कमलेश, बासदेव, संतोष, अंगद आदि ने बताया कि अमडी के पास गंडक साइफन से क्षेत्र का पानी नहर में जाता है। लेकिन बीते तीन वर्ष से सायफन साफ नहीं हुआ है। इस कारण पानी खेत से नहीं निकल पा रहा है। ग्राम झूलनीपुर, सेमरहना, बहुआर, मिश्रौलिया, शितलापुर, गिरहिया, ढेसों आदि ग्राम सभा के खेत जलमग्न हो गए हैं। पानी जमा होने से इन ग्राम सभाओं के खेत में खड़े गन्ने की फसल सूख रही है। साथ ही खेतों में ज्यादा पानी होने से धान की नर्सरी भी डूब गई है। जिससे इस बार धान की रोपाई पर ग्रहण लग गया है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन वर्ष पहले सायफन की सफाई की गई थी। जिसके बाद वन विभाग निचलौल ने रोक दिया। अब खेतों से पानी निकलने से भाठ क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। संबंधित विभाग से जानकारी लेकर सायफन साफ कराया जाएगा। तहसीदार ने दिए सड़क मरम्मत के निर्देश

महराजगंज : महाव नाला के बाढ़ में धंसी सड़क का निरीक्षण सोमवार को तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए लोक निर्माण विभाग के अभियंता को तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन बहाल करने के लिए निर्देशित किया। महाव तटबंध के किनारे बसा नौतनवा विकास खंड के खैरहवा गांव के ग्रामीण भी बाढ़ से सबसे अधिक दुश्वारियां झेलने को विवश हैं। बाढ़ समाप्त होते ही गंदगी व मटमैले पानी से उठ रही दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। बीते सप्ताह गांव के सामने तटबंध का दो स्थानों पर टूटते ही गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग करीब 10 से 12 मीटर कटकर बह गया था । जिससे ग्रामीणों का गांव से बाहर निकलने का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। ग्रामीण बांस बल्ली लगाकर आते-जाते हैं। इस दौरान मलिक रिजवान, विश्वनाथ, चीनक, बंशे यादव, मनोज यादव, सुभाष विश्वकर्मा, राजनरायण यादव, भूलन चौधरी आदि दर्जनों किसान उपस्थित रहे।

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