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कोरोना से हुई मौत की टीम ने की आडिट

कोरोना से हुई मौत की टीम ने की आडिट

घर में बाकी 12 अन्य सदस्य की कोरोना जांच 23 अप्रैल को कराई गई।

JagranThu, 06 May 2021 11:21 PM (IST)

महराजगंज: स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह ने ग्राम सवारेजी में चल रहे कोरोना सर्वे का निरीक्षण किया। साथ ही कोरोना से मृत मरीजों का आडिट किया गया।

इस दौरान आशा सुनीता की टीम सर्वे कर रही थी। यहीं पर 21 अप्रैल को कोरोना से कामेश्वर पुत्र ठाकुर प्रसाद के मौत की आडिट की गई। पता चला की वह गोरखपुर में रहकर मजदूरी करते थे। 12 अप्रैल को तबीयत खराब हुई। 17 को सवारेजी आए तथा 21 को अचानक सांस फूलने लगी व बुखार भी आ गया। जिला अस्पताल ले गए, वहां जांच के बाद कोविड वार्ड में भर्ती हुए और कुछ देर बाद इनकी मौत हो गई। इनके घर में बाकी 12 अन्य सदस्य की कोरोना जांच 23 अप्रैल को कराई गई। सभी लोग निगेटिव हैं। इसके बाद 23 अप्रैल को करमहा निवासी आकाश पुत्र राधेश्याम की कोरोना से मौत की आडिट की गई। उन्हें पहले से ही डाइबीटिज था। 21 अप्रैल को अचानक उलटी दस्त होने लगा व सांस फूलने लगा। फिर जिला अस्पताल ले गए जांच के बाद कोविड वार्ड में भर्ती हुए, वहीं 23 अप्रैल को मौत हो गई। इनके घर में छह व्यक्ति हैं। इनकी अभी तक जांच नहीं हुई है। सभी स्वस्थ लग रहे हैं। इनको आशा ने जांच कराने के लिए कहा था, परंतु ये जांच कराने नहीं गए। इन्हें जांच कराने के लिए पुन: प्रेरित किया गया तो ये कल जांच कराने के लिए आएंगे। इसके बाद उपकेंद्र करमहा का निरीक्षण किया गया। यहां एएनएम फूलवासी देवी, सुलोचना सिंह उपस्थित मिली। कोविड अस्पताल में मरीज की मौत, अव्यवस्था का आरोप

महराजगंज: जिला महिला अस्पताल में बने कोविड वार्ड में गुरुवार को एक और मरीज की मौत हो गई। इसकी सूचना जैसे ही स्वजन को मिली वह आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद स्वजन शांत हुए व शव के अंतिम संस्कार के लिए निकल गए।

सदर कोतवाल मनीष कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के एक महिला के पति कोरोना वार्ड में भर्ती थे। गुरुवार की सुबह उनकी मौत हो गई। मौत के बाद कर्मचारियों ने जैसे ही इसकी सूचना स्वजन को दी वे आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करने लगे। महिला रोक के बाद भी अस्पताल में घुसने का प्रयास करने लगी। काफी समझाने के बाद स्वजन शांत हुए जिन्हें वापस भेज दिया गया है।

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