UP Panchayat Assistants Recruitment: 58 हजार से ज्यादा पंचायत सहायक भर्ती का कार्यक्रम जारी, 10 सितंबर तक पूरी होगी नियुक्ति

Panchayat Assistants Recruitment उत्तर प्रदेश सरकार सभी 58189 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक कम डाटा इंट्री ऑपरेटर की भर्ती करेगी। ग्राम प्रधान अपने परिवार और रिश्तेदारों को इसमें नहीं रख पाएंगे। जिस जाति की आरक्षित ग्राम पंचायत होगी उसी जाति का पंचायत सहायक होगा।

Umesh TiwariMon, 26 Jul 2021 07:12 PM (IST)
उत्तर प्रदेश सरकार सभी 58189 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक कम डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती करेगी।

लखनऊ, जेएनएन। UP Panchayat Assistants Recruitment: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरी तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार रोजगार को लेकर गतिशील हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार 58189 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक, एकाउंटेंट कम डाटा इंट्री आपरेटर की नियुक्ति करने जा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक पंचायत सहायक तैनात होंगे। 10वीं और 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट के जरिए यह भर्ती होगी। अभ्यर्थी उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना चाहिए। 18 से 40 वर्ष की आयु के लोग इसमें आवेदन कर सकते हैं। पंचायत सहायक एक साल की संविदा पर रखे जाएंगे। उन्हें छह हजार रुपये महीना मानदेय मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि पंचायत सहायकों की नियुक्ति ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी। प्रधान अपने परिवार व रिश्तेदारों को इसमें नहीं रख पाएंगे। साथ ही पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत जिस श्रेणी में आरक्षित होंगी उसी श्रेणी के सहायक का चयन किया जाएगा। यानी जिन पंचायतों के प्रधान पद अनुसूचित जाति के हैं, वहां अनुसूचित जाति का ही सहायक नियुक्त होगा। आवेदन पत्र सादे कागज पर ग्राम पंचायत या संबंधित विकास खंड या जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा होंगे। इसमें शैक्षिक अर्हता, आयु एवं जाति संबंधी प्रमाण पत्र लगाना होगा।

ग्राम पंचायत की प्रशासनिक समिति हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकों के प्रतिशत के आधार पर पंचायत सहायक के चयन के लिए पात्रता सूची तैयार करेगी। सबसे अधिक अंक वाले अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थी का पूर्ण विवरण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के पास भेजा जाएगा। अभ्यर्थी की पात्रता का परीक्षण कर समिति नियुक्ति के लिए संस्तुति कर देगी। यदि ग्राम पंचायत द्वारा चयनित अभ्यर्थी निर्धारित योग्यता नहीं रखता है तो डीएम की समिति ग्राम पंचायत से दूसरे अभ्यर्थी के चयन के लिए कहेगी।

एक साल होगी संविदा अवधि : पंचायत सहायक की संविदा एक वर्ष के लिए होगी, यदि सेवाएं संतोषजनक पाई जाती हैं तो ग्राम सभा की खुली बैठक में विचार कर उसकी संविदा एक-एक वर्ष करके दो वर्ष बढ़ाई जा सकती है। वहीं, पंचायत सहायक का कार्य व आचरण संतोषजनक न होने की दशा में उनके विरुद्ध कार्रवाई ग्राम पंचायत कर सकती है। एक माह की नोटिस पर इन्हें हटाया भी जा सकता है। इसमें आवेदन के लिए न्यूनतम आयु एक जुलाई को 18 वर्ष व अधिकतम 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। एससी, एसटी व ओबीसी के अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। चयनित पंचायत सहायकों को सरकार दो माह का प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

कोरोना से मृत्यु होने पर परिवारीजन को वरीयता : ग्राम पंचायत में यदि किसी की कोरोना से मृत्यु हो गई है तो उनके परिवार से जैसे पत्नी या पति, पुत्र, अविवाहित पुत्री, विधवा पुत्री, विधवा माता, अविवाहित भाई, अविवाहित बहन को सबसे पहले चयनित किया जाएगा। यदि आरक्षण श्रेणी की ग्राम पंचायत है और मृतकों के परिजन उस आरक्षण श्रेणी को पूरा करते हैं साथ ही वे इंटरमीडिएट पास हैं तो उनका चयन कर लिया जाएगा। सामान्य श्रेणी की ग्राम पंचायतों में कोरोना से मृत्यु का लाभ सामान्य श्रेणी के परिवारों को ही दिया जाएगा। यदि एक से अधिक आवेदन इस श्रेणी में आते हैं तो मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।

पंचायत सहायकों की समय-सारणी

पंचायत सहायक के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित करने की सूचना जारी करना-30 जुलाई से एक अगस्त तक। आवेदन पत्र जमा करने की अवधि-दो अगस्त से 17 अगस्त तक। जमा आवेदन पत्रों को ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराना-18 अगस्त से 23 अगस्त तक। मेरिट लिस्ट तैयार करना-24 अगस्त से 31 अगस्त तक। डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण-एक सितंबर से सात सितंबर तक। ग्राम पंचायत द्वारा नियुक्ति पत्र जारी करना-आठ सितंबर से 10 सितंबर तक।

ग्राम सचिवालय की साज-सज्जा व कंप्यूटर के लिए मिलेंगे 1.75 लाख : प्रत्येक ग्राम पंचायत में बन रहे ग्राम सचिवालय की साज-सज्जा, फर्नीचर व कंप्यूटर खरीद के लिए 1.75 लाख रुपये मिलेंगे। फर्नीचर, कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की खरीद ग्राम पंचायतें अपने स्तर से करेंगी। कार्यालय में इंटरनेट की व्यवस्था भी ग्राम पंचायतें करेंगी। आवश्यकतानुसार डोंगल की खरीद भी उन्हें ही करनी हैं। ग्राम सचिवालय में जनसेवा केंद्र की स्थापना भी की जाएगी। बीसी सखी के लिए भी ग्राम सचिवालय में बैठने की व्यवस्था की जाएगी। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक ग्राम सचिवालय में 25 कुर्सियां, तीन आफिस या कंप्यूटर मेज, दो स्टील की अलमारी, सोलर पैनल, बैटरी, इनवर्टर, दो दरी, तीन पंखे, डेस्कटाप कंप्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर व वेबकैम के अलावा एक सीसीटीवी कैमरा स्वीकृत किया गया है। इसमें कुल 1.75 लाख रुपये खर्च होंगे।

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