UP में भाजपा के लिए तैयार की मजबूत चुनावी जमीन, गुंडाराज और भ्रष्टाचार पर लगातार वार

भाजपा की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के लिए 'संकल्प पत्र' ही विकास का रोडमैप बना।

संकल्प पथ पर उत्तर प्रदेश की सरकार अंतिम बजट में चुकाया वादों का बकाया। प्रदेश के समग्र एवं समावेशी विकास पर ध्यान। भाजपा की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के लिए संकल्प पत्र ही विकास का रोडमैप बना।

Divyansh RastogiTue, 23 Feb 2021 07:12 AM (IST)

लखनऊ [अजय जायसवाल]। चार वर्ष पहले बड़े वादे-संकल्पों के साथ चुनावी जंग जीतकर भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को सूबे की सत्ता सौंपी। मुख्यमंत्री उस संकल्प पत्र के पन्ने पलटते गए और अपने कार्यकाल में ज्यादातर महत्वपूर्ण घोषणाओं को जमीन पर उतारने में कामयाब हुए। कोरोना संक्रमण ने जरूर कुछ ऐसे हालात बनाए, जिससे विपक्ष को उलाहना देना का मौका मिला। मगर, योगी सरकार ने अपने अंतिम पूर्ण बजट में वादों का बकाया पूरा कर भाजपा को सत्ता वापसी के लिए मजबूत चुनावी जमीन भी दे दी है।

भाजपा ने चार वर्ष पूर्व वर्ष 2017 में प्रदेशवासियों से सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशक, विकास, गरीबों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा युवाओं के आत्मसम्मान एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करने का वादा किया था। सपा-बसपा पर सूबे को विकास पथ पर पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने प्रतिबद्धता दिखाई थी कि सुशासन के जरिए राज्य को विकास एवं खुशहाली के मार्ग पर आगे ले जाएंगे। इसके लिए पार्टी ने लोक कल्याण संकल्प पत्र पेश करके नौ संकल्प गिनाए थे। प्रदेशवासियों ने इन संकल्पों को हाथों-हाथ लेते हुए भाजपा को भारी बहुमत से सत्ता की बागडोर सौंपी। भाजपा की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के लिए 'संकल्प पत्र' ही विकास का रोडमैप बना। 

2017 में योगी सरकार ने सपा-बसपा के 15 वर्ष के राज पर श्वेत पत्र जारी किया और अपनी प्राथमिकताएं तय की। भाजपा ने चुनाव के दौरान ऋण माफ करने का किसानों से बड़ा वादा किया था। योगी सरकार का पहला बजट किसानों को ही समर्पित रहा। अगले वर्ष के बजट में औद्योगिक विकास और फिर महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष के बजट को युवाओं की शिक्षा, कौशल संवर्धन, रोजगार, मूलभूत अवस्थापना तथा त्वरित न्याय को समर्पित करते हुए योगी सरकार ने वर्ष 2022 के चुनाव मैदान में उतरने से पहले के बजट में प्रदेश के समग्र एवं समावेशी विकास को ध्यान में रखा है। युवाओं को लैपटॉप बांटने जैसा बड़ा वादा जरूर छूटा जा रहा था, जिसे इस बजट में शामिल कर अभ्युदय योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को टैबलेट की घोषणा कर दी।

गुंडाराज और भ्रष्टाचार पर लगातार वार: वादे के मुताबिक, सूबे को देश में शीर्ष राज्य बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि आज कई क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश पहले पायदान पर है। भाजपा ने प्रदेश को गुंडाराज व भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने का जो वादा किया था, उस पर तो योगी सरकार शुरुआत से काफी आक्रामक रही। बड़ी संख्या में अपराधियों का जहां एनकांउटर किया गया है, वहीं भ्रष्टाचार के मामलों में बड़े अफसर तक बर्खास्त और जेल तक भेजे गए हैं। 

 

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