मुख्यमंत्री जी! उचित दर की दुकान ने बदल दी मेरी दुनिया, आजीविका मिशन से जुड़ीं महिलाओं ने सुनाई सफलता की कहानी

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद जीवन में आए बदलाव की कहानी शुक्रवार को महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुनायीं। मुख्यमंत्री ने इन लाभार्थियों से आजीविका मिशन से जुड़ी योजनाओं के बारे में अन्य जानकारियां भी ली।

Umesh TiwariSat, 31 Jul 2021 12:11 AM (IST)
आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद जीवन में आए बदलाव की कहानी महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुनायीं।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। 'मुख्यमंत्री जी, नमस्ते ...। मैं बुलंदशहर से प्रीतिदेवी बोल रही हूं। आजीविका मिशन ने मेरी दुनिया बदल दी है। मिशन के तहत सितंबर, 2020 में मुझे उचित दर की दुकान का आवंटन हुआ। गांव में 495 राशन कार्ड हैं। राशन वितरण के कार्य से मुझे प्रतिमाह लगभग 5500 रुपये की आमदनी हो रही है।' उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद जीवन में आए बदलाव की कहानी शुक्रवार को महिलाओं ने कुछ इसी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुनायीं।

मथुरा की संतोष ने बताया कि उन्होंने बीसी सखी के रूप में कार्य करते हुए लगभग एक माह के दौरान 17 नए एकाउंट खोले और 543 बैंकिंग ट्रांजेक्शन किए। मुजफ्फरनगर की बबीता देवी ने बताया कि मिशन से जुड़ने के बाद पिछले पांच माह से बिजली बिल एजेंट के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने 14 लाख रुपये का बिजली बिल एकत्रित किया, जिससे उन्हें 16,365 रुपये की आय अर्जित हुई। कानपुर देहात की शालिनी ने बताया कि वह सामुदायिक शौचालय का संचालन कर रही हैं, जिससे उन्हें छह हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय मिल रहा है।

वाराणसी की गीता देवी ने बताया कि उन्होंने वाराणसी में पावरलूम का कार्य शुरू किया, जिससे उन्हें आठ हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। झांसी की बिन्नू राजा ने कहा कि उन्हें बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के सदस्य के रूप में जुड़कर दुग्ध उत्पादन के कार्य से लगभग हर महीने लगभग आठ हजार रुपये मिल जाते हैं। मुख्यमंत्री ने इन लाभार्थियों से आजीविका मिशन से जुड़ी योजनाओं के बारे में अन्य जानकारियां भी ली।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक पुष्टाहार के उत्पादन व आपूर्ति की फतेहपुर प्लांट यूनिट की अध्यक्ष वंदना देवी व उन्नाव की प्लांट यूनिट की अध्यक्ष अन्ना देवी से उत्पादन प्रक्रिया और कार्यप्रणाली के बारे में संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि कोरोना कालखंड के दौरान प्लांट में अनुपूरक पुष्टाहार का उत्पादन जारी रहा। कार्यक्रम के दौरान फतेहपुर व उन्नाव जिले की पुष्टाहार इकाई के संबंध में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से यूनाइटेड नेशन-वल्र्ड फूड प्रोग्राम के कंट्री डायरेक्टर बिशों पाराजुले सहित महिला स्वयं सहायता समूहों की 50 हजार सदस्य जुड़ी थीं।

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