बेटी से शादी कराने से मना करने पर की थी महिला की हत्या, गुम हुए मोबाइल ने खोला राज Raebareli news

रायबरेली, जेेेेेेएनएन। बछरावां के जोहवाहिसार गांव में 18 अक्टूबर की शाम महिला की हत्या का सोमवार को राजफाश हो गया। यह खुलासा अच्छी नजीर बना क्योंकि इसमें नामजद पिता-पुत्र पर कार्रवाई न करके असल आरोपित को गिरफ्तार किया गया। उसने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया। 

उक्त गांव निवासी श्याम देवी पत्नी स्व. राम बरन शुक्रवार की सुबह अपनी तीन बेटियों के साथ धान की मड़ाई करने खेत गई थी। शाम को बेटियां धान लेकर घर चली आईं मगर, श्यामा वहीं खेत में रुकी रही। वह जब समय से घर नहीं लौटी तो परिवारजन उन्हें खोजते-खोजते खेत पहुंच गए। काफी देर ढूंढने पर श्यामा का शव कुछ दूरी पर दूसरे खेत में पड़ा मिला। पहले तो मृतका के ससुर ने गांव के राम किशुन और उनके बेटे शिवम पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मगर, जब तफ्तीश की गई तो दोनों बेकसूर निकले। उसी गांव के अमरेंद्र कुशवाहा पुत्र बेचूलाल को मजबूत साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने पकड़ा है।

ये था घटनाक्रम

उस दिन अमरेंद्र ने अपने खेत में पानी लगा रखा था, जोकि श्यामा के खेत के बगल था। शाम के वक्त वह भी उनकी बेटियों के साथ घर जाने की बात कहकर निकला लेकिन रास्ते से वापस लौट आया। उसने श्यामा से कहा कि वह उसकी बेटी से शादी करना चाहता है। श्यामा ने इन्कार कर दिया तो पहले अमरेंद्र ने उसका गला दबाया फिर उसी की साड़ी से उसका गला कस दिया।

इसी दौरान श्यामा की बेटियां उसे खोजते-खोजते वहां आ गई। उनकी आवाज सुनकर अमरेंद्र वहां से भागा और घूमकर दूसरे रास्ते वापस लौट आया। वह भी श्यामा की खोज में लग गया। वारदात के वक्त उसका मोबाइल खेत में गिर गया था। जब वह महिला की खोजबीन कर रहा था, तभी उसने श्यामा की बेटी से बताया कि उसका मोबाइल गिर गया है। यही मोबाइल उसके लिए घातक बन गया।

जो गलत है, वही गया जेल

क्षेत्राधिकारी विनीत स‍िंह ने बताया कि आरोपित राम किशुन राजमिस्त्री और शिवम शटर‍िंग का काम करता है। उस रात राम किशुन लगभग आठ बजे और शिवम नौ बजे अपने घर लौटे थे। दिन में दोनों वारदात स्थल से लगभग पांच किमी की दूरी पर मजदूरी कर रहे थे। उनके घर वापस लौटते वक्त जिनसे भी मुलाकात हुई, उनसे पूछताछ की गई। सीडीआर निकाला गया। जिसके बाद दोनों को क्लीनचिट दी गई।  

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