पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी अगले माह आ सकती हैं वाराणसी, यूपी चुनाव में अखिलेश के देंगी समर्थन

UP Assembly Election 2022 पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंंत्री ममता बनर्जी उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के विस्तार की संभावनाएं तलाशने के लिए अगले माह वाराणसी आ सकती हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने अखिलेश यादव का समर्थन करने के पहले ही संकेत दे दिए हैं।

Umesh TiwariSun, 05 Dec 2021 06:58 PM (IST)
पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंंत्री ममता बनर्जी अगले माह वाराणसी आ सकती हैं।

लखनऊ, जेएनएन। तृणमूल कांग्रेस की अध्‍यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंंत्री ममता बनर्जी उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के विस्तार की संभावनाएं तलाशने के लिए अगले माह वाराणसी आ सकती हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने अखिलेश यादव का समर्थन करने के पहले ही संकेत दे दिए हैं। वह पहले ही कह चुकीं हैं यदि अखिलेश यादव को हमारी मदद की जरूरत है, तो हम मदद करने के लिए तैयार हैं। संभावना है कि पीएम नरेन्‍द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से ममता बनर्जी केंद्र सरकार को भी घेरेंगी।

पिछले दिनों ललितेश पति त्रिपाठी और राजेश पति त्रिपाठी द्वारा टीएमसी का हाथ थामने के बाद से ही यूपी में टीएमसी की सक्रियता का छिपा संदेश सभी को स्‍पष्‍ट हो गया था। अब सूत्रों के अनुसार दोनों पार्टी के नए सदस्‍यों के अनुरोध पर ममता बनर्जी वाराणसी आ रही हैं। इस दौरान वाराणसी में बाबा दरबार में हाजिरी लगाने के बाद सांगठनिक बैठक भी करेंगी।

ललितेशपति त्रिपाठी ने रविवार को समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि लक्ष्य एक ही है और हमें यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़नी है कि ये ताकतें (भाजपा के नेतृत्व में) पराजित हों। हम भी सपा प्रमुख अखिलेश जी की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि बनर्जी संभवत: जनवरी के दूसरे सप्ताह में वाराणसी का दौरा करेंगी।

उन्होंने बताया कि टीएमसी विचार कर रही है कि उत्तर प्रदेश में खुद को कैसे मजबूत करे। जहां तक ​​पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के वाराणसी दौरे का सवाल है, हमने तारीखों को अंतिम रूप नहीं दिया है। हम दिसंबर में उनकी यात्रा आयोजित करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनकी व्यस्तताओं के चलते हमें तारीख नहीं मिल सकी। ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी का आभी पूरा फोकस गोवा और त्रिपुरा पर है। फिलहाल उनकी पार्टी अभी यूपी विभानसभा चुनाव के मैदान में नहीं है।

ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि टीएमसी के शुरुआती रोडमैप के अनुसार, पार्टी की पूर्वांचल इकाई कार्यालय वाराणसी में स्थापित होना है। ममता बनर्जी ने वाराणसी को इसलिए भी चुना क्योंकि टीएमसी में नए सदस्यों के शामिल होने का पहला चरण पवित्र शहर में होना था। उन्होंने यह भी कहा कि ममला बनर्जी में प्रधानमंत्री मोदी से लड़ने की क्षमता है।

बता दें कि राज्य कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेशपति त्रिपाठी और उनके पिता राजेशपति त्रिपाठी 25 अक्टूबर को सिलीगुड़ी में ममला बनर्जी की उपस्थिति में टीएमसी में शामिल हुए थे। दीदी ने कर के दिखाया है कि वह नरेन्द्र मोदी को भी हरा सकती हैं। उन्होंने कहा कि 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अखिलेश यादव बनाम योगी आदित्यनाथ बन गया है। त्रिपाठी ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की सीटों की संख्या 2017 के कुल 312 से कम हो जाएगी, क्योंकि समाज में गुस्सा है। किसान धान की उचित खरीद के अभाव में और उर्वरकों की अनुपलब्धता के कारण चिंतित हैं।

इस बीच, सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने रविवार को पीटीआई से कहा कि 'हमने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उनका (ममता बनर्जी) समर्थन किया है। मैंने खुद चुनाव में उनके लिए प्रचार किया है। हम दीदी के समर्थन की पेशकश का स्वागत करते हैं। हम भाजपा को हराना चाहते हैं और दीदी भी भाजपा को हराना चाहती हैं। अगर दीदी हमारा समर्थन करती है, तो हम खुश हैं और इसका स्वागत करते हैं।

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