Vikas Dubey Case: UP के पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल होगा कानपुर के विकास दुबे का केस

बिकरू कांड में पुलिस की टीम हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी।

Vikas Dubey Caseउत्तर प्रदेश में आईपीएस व पीपीएस अधिकारियों की ट्रेनिंग और पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए गठित कमेटी ने प्रदेश शासन को सुझाव दिया है कि कानपुर के बिकरू कांड को पुलिस के अधिकारियों के पाठ्यक्रम में शामिल करें।

Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 04:40 PM (IST) Author: Dharmendra Pandey

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश को जुलाई माह में बेहद चर्चा में लाने कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू कांड को अब प्रदेश पुलिस के शीर्ष अधिकारी हमेशा अपने जेहन में रख सकेंगे। प्रदेश सरकार ने इसको लेकर बड़ा इंतजाम किया है।

उत्तर प्रदेश में आईपीएस व पीपीएस अधिकारियों की ट्रेनिंग और पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए गठित कमेटी ने प्रदेश शासन को सुझाव दिया है कि कानपुर के बिकरू कांड को पुलिस के अधिकारियों के पाठ्यक्रम में शामिल करें। जिससे कि इस तरह के चर्चित केस में अग्रिम तैयारी से साथ मुस्तैद रहें और मामलों की पुनरावृत्ति न हो। माना जा रहा है कि शासन की कमेटी के इस प्रस्ताव को सरकार शीघ्र लागू भी करने की योजना में है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे केस को पुलिस अकादमी तथा ट्रेनिंग सेंटर में पाठ्यक्रम में शामिल कर आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों को पढ़ाया जाएगा। इसके साथ कानपुर के ज्योति हत्याकांड को भी किताबों के सिलेबस में शामिल किया जाएगा। आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों की ट्रेनिंग और पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी, जिसने यह सुझाव सरकार को दिया है। इस सुझाव को शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसके बाद इसे नवंबर के अंत तक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

प्रदेश में अब नये बैच के आईपीएस और पीपीएस अफसर इसको पढ़कर बेहतर पुलिसिंग के गुर सीखेंगे। बिकरू कांड में पुलिस की टीम हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी। इसके जवाब में उसने ताबड़तोड़ हमला कर सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। इतने बड़े कांड के बाद पुलिस की तैयारी तथा दबिश और जांच की कई खामियों का खुलासा हुआ था। पुलिस विभाग ने बड़ा नुकसान सहन करने के बाद इसके घटनाक्रम का गहन अध्ययन किया। इसके बाद पुलिस महकमे में अब ऐसी खामियों की पुनरावृत्ति न हो, इसकी योजना बनी। इसके साथ ही पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसमें बताया गया है कि बिकरू कांड जैसे मामलों का कैसे डटकर मुकाबला किया जाए। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। रिपोर्ट के जरिए अफसरों को ज्यादा बेहतर ढंग से काम करने लायक बनाने के लिए इसे पाठ्यक्रम में जोडऩे की कवायद की जा रही है।

कानपुर में बीती दो जुलाई को चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके गैंग ने दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। जिसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद फरार विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ा गया और दस जुलाई को कानपुर में एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में ढेर हो गया।

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.