पीएम कार्यालय से नहीं जुड़ा नेटवर्क, लखनऊ के नगर आयुक्‍त ने मोबाइल से कराई वीडियो कांफ्रेसिंग

पीएम से बात के लिए पटरी दुकानदार का रिहर्सल।
Publish Date:Mon, 26 Oct 2020 01:24 PM (IST) Author: Anurag Gupta

लखनऊ, जेएनएन। चौक चौराहे से आगे बढऩे पर ठेले पर लइया चना बेचने वाले विजय बहादुर की दुकान पर सोमवार सुबह से ही चहल-पहल थी। नया काउंटर भी लग गया था और ग्राहक की जगह अफसर उसकी दुकान के आसपास नजर आ रहे थे। मंगलवार को प्रधानमंत्री पटरी दुकानदारों से बात करेंगे और विजय बहादुर अपने ठेले से ही प्रधानमंत्री से बात करेगा। इसलिए सोमवार को रिहर्सल होता रहा।

दुकान के बाहर पूरा सिस्टम लगा था। एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई। हालांकि दो घंटे की कवायद के बाद भी नेटवर्क न मिलने से प्रधानमंत्री कार्यालय के अफसर से संवाद नहीं हो पा रहा था। प्रधानमंत्री दफ्तर के किसी अधिकारी से विजय बहादुर की बात कराई जानी थी। नेटवर्क न मिलने के कारण नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विजय बहादुर की बात प्रधानमंत्री दफ्तर के किसी अधिकारी से कराई।  टेलीफोन कंपनी के अधिकारी भी चौक में ही जमे हैं और वह खामियों को दूर करने में लगे थे।

दरअसल प्रधानमंत्री कल मंगलवार को देशभर के पटरी दुकानदारों से बात करेंगे। इसमे लखनऊ के दो पटरी दुकानदार भी शामिल हैं। आलमबाग के चंदरनगर में ठेले पर कपड़ा बेचने वाली शशि भी है, जो एनआइसी के वीडियो कांफ्रेसिंग कक्ष से प्रधानमंत्री से बात करेगी। तीस वर्षीय शशि आलमबाग में रामनगर सिंधी स्कूल के पीछे रहती हैं। पति धर्मेंद्र भी ठेले पर कपड़े बेचते हैं। शशि कहती है कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उसे प्रधानमंत्री से मिलने का मौका है। ऐसा पहली बार हुआ कि इस आफत की घड़ी में प्रधानमंत्री ने पटरी पर दुकान लगाने वालों के बारे में सोचा है। उन्हें दस हजार का लोन देने की योजना बनाई।

चौक में लइया चना का ठेला लगाने वाले विजय बहादुर काशी विहार दौलत गंज में रहते हैं। 32 वर्षीय विजय बहादुर के परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। वह कहते हैं कि पहली बार सुना है कि देश का प्रधानमंत्री किसी ठेले वाले से बात करने जा रहा है। संकट काल में आर्थिक मदद कर सरकार ने गरीबों को पटरी पर लाने का काम किया है। वह प्रधानमंत्री की तारीफ करने के साथ ही अपने मन की बात भी रखेंगे। विजय बहादुर अपने ठेले से ही प्रधानमंत्री से बात करेंगे।

18 सवाल पूछ सकते हैं पीएम

प्रधानमंत्री पटरी दुकानदारों से 18 सवाल पूछ सकते हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि ऋण योजना से जुड़ी जानकारियां भी पटरी दुकानदारों से ली जाएगी कि उन्हें लोन मिला कि नहीं और इस योजना की जानकारी किस तरह से हुई थी। दरअसल कोरोना संकट काल में आर्थिक तंगहाली का सामना कर रहे पटरी दुकानदारों के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि ऋण योजना लाई गई है, जिसमे ब्याज रहित दस हजार का लोन दिया जाना है। लखनऊ पंद्रह हजार से अधिक पटरी दुकानदारों को लोन दिला चुका है और वह प्रदेश में दूसरे नंबर पर है, जबकि बनारस नगर निगम बीस हजार का आंकड़ा पार करने जा रहा है और वह लोन दिलाने में नंबर वन पर है। 

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