UPPSC GIC Lecturer Recruitment 2021: 68 प्रतिशत ने छोड़ी परीक्षा, जीएसटी के प्रश्नों में उलझे

UPPSC GIC Lecturer Recruitment 2021 यूपीपीएससी की जीआईसी प्रवक्ता प्रारंभिक परीक्षा 2020 को लेकर अभ्यर्थियों में अपेक्षा से कम उत्साह रहा। प्रदेश के 16 जिलों में आयोजित परीक्षा में मात्र 32.03 प्रतिशत उपस्थिति रही। परीक्षा के लिए 491370 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था परंतु 157409 ही इम्तिहान में शामिल हुए।

Umesh TiwariSun, 19 Sep 2021 08:16 PM (IST)
यूपीपीएससी की प्रवक्ता (पुरुष/महिला) राजकीय इंटर कालेज की प्रारंभिक परीक्षा 2020 को लेकर अभ्यर्थियों में अपेक्षा से कम उत्साह रहा।

प्रयागराज [राज्य ब्यूरो]। UPPSC GIC Lecturer Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की प्रवक्ता (पुरुष/महिला) राजकीय इंटर कालेज की प्रारंभिक परीक्षा 2020 को लेकर अभ्यर्थियों में अपेक्षा से कम उत्साह रहा। प्रदेश के 16 जिलों में आयोजित परीक्षा में मात्र 32.03 प्रतिशत उपस्थिति रही। परीक्षा के लिए 4,91,370 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, परंतु 1,57,409 ही इम्तिहान में शामिल हुए। नकल मुक्त परीक्षा कराने के लिए 1055 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। सबसे अधिक 112 केंद्र प्रयागराज में बने थे। प्रयागराज में 52,057 अभ्यर्थियों का पंजीकरण था। इसमें 21,857 ने इम्तिहान दिया।

प्रवक्ता (पुरुष/महिला) राजकीय इंटर कालेज की प्रारंभिक परीक्षा 2020 का सकुशल आयोजन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के लिए बड़ी चुनौती थी। कोरोना संक्रमण नियंत्रित होने के बाद आयोग की पहली बड़ी परीक्षा थी। उक्त भर्ती के तहत आयोग ने प्रवक्ता के 16 विषयों में 1473 पदों की भर्ती निकाली गई है। इसमें 991 पुरुष व 482 महिलाओं के पद शामिल हैं। आयोग ने आनलाइन आवेदन 22 जनवरी तक लिया था। अभ्यर्थियों की संख्या व विषय अधिक होने के कारण 'एक जिला में एक विषय' की परीक्षा कराई गई। हर केंद्र में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि प्रदेश के हर केंद्र पर परीक्षा शांतिपूर्ण आयोजित हुई।

हिंदी विषय की परीक्षा में आए समसामायिक प्रश्न : प्रवक्ता (पुरुष/महिला) राजकीय इंटर कालेज की प्रारंभिक परीक्षा 2020 में हिंदी के सामान्य अध्ययन के पेपर में जीएसटी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े प्रश्न पूछे गए। जीएसटी से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देने में अभ्यर्थियों को दिक्कत हुई। अभ्यर्थी राहुल पाठक बताते हैं कि प्रश्नपत्र अपेक्षा से अधिक कठिन रहा। समाचार पत्रों में नियमित नजर रखने वालों को ज्यादा कठिनाई नहीं हुई होगी। अभ्यर्थी प्रत्यूषा बताती हैं कि सामान्य अध्ययन में ज्यादातर प्रश्न इतिहास पर आधारित रहे। विशेष रूप से आजादी से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए। परीक्षा में दो खंड थे। दूसरा खंड विषय पर आधारित रहा। इसमें साहित्यकारों के रचनाओं, छंद, अलंकार समेत अन्य विषय पर आधारित प्रश्न पूछे गए।

उत्तर प्रदेश पर आधारित आए प्रश्न : प्रवक्ता जीआइसी पद के हिंदी के प्रश्नपत्र में उत्तर प्रदेश से जुड़े तमाम प्रश्न पूछे गए। कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को काफी उलझाया है।

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