UP: धान खरीद में गड़बड़ी पर योगी सरकार बेहद सख्त, क्रय केंद्र प्रभारियों समेत 10 के खिलाफ FIR

किसानों से जुड़े मुद्दों पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बेहत सख्त हो गई है।
Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 12:19 PM (IST) Author: Umesh Tiwari

लखनऊ, जेएनएन। किसानों से जुड़े मुद्दों पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बेहत सख्त हो गई है। धान खरीद में अनियमितता को लेकर सरकार ने कड़ी कार्रवाई कर इसकी संदेश भी दे दिया है। शासन स्तर पर ऐसी हर शिकायत का संज्ञान लिया जा रहा है और कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। धान खरीद में अनियमितता को लेकर शासन ने पीसीएस अधिकारी व संभागीय खाद्य नियंत्रक बरेली प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। वह राजस्व परिषद से संबद्ध किए गए हैं। बरेली मंडल के आयुक्त रणवीर प्रसाद को शासन ने इस मामले में जांच अधिकारी नामित किया है।

इस क्रम में घान क्रय केंद्रों के आठ प्रभारियों समेत 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की जा चुकी है। बरेली मंडल के पांच केद्र प्रभारियों को निलंबित किया जा चुका है। चार केंद्र प्रभारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि, 21 के खिलाफ चेतावनी और 178 के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुल मिलाकर अब तक 208 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। जिन क्रय केंद्र के प्रभारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है उनमें पीलीभीत के तीन, बरेली, कानपुर नगर, हरदोई के एक-एक, शाहजहांपुर के दो हैं। इसके अलावा हरदोई के एक बिचौलिये और अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि हर किसान के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी पर धान खरीदा जाना चाहिए। इसके लिए संबधित जिलाधिकारी जवाबदेह होंगे। इस क्रम में खरीफ के मौजूदा सीजन में अब तक 21 हजार से अधिक किसानों से 15,42,566 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। कृषि विभाग के पोर्टल पर अब तक 4,77,121 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से 2,93,073 का सत्यापन भी हो चुका है।

सहकारिता विभाग ने की बैठक : धान क्रय नीति के अनुसार खरीद हो इसके लिए सहकारिता विभाग के जिला एवं मंडल स्तर के अधिकारियों के साथ अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (क्रय विक्रय) की बैठक हुई। इस बैठक में धान खरीद से संबंधित सहकारी संस्थानओं के प्रबंध निदेश भी शामिल हुए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहकारिता ने निर्देश दिया कि धान क्रय नीति के अनुसार क्रय केंद्रों में किसानों से खरीद की जाए। इसके साथ ही 48 घंटे में किसानों का भुगतान भी कर दिया जाए। यदि कहीं से लारवाही की शिकायत मिलती है तो केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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