विधानसभा के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल बोले- जातिवाद नहीं अब राष्ट्रवाद के आधार पर हो राजनीति

उत्तर प्रदेश विधानसभा के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने अपने निर्वाचन पर सदन का आभार जताया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सांविधानिक पद को जाति से नहीं जोड़ना चाहिए। अब प्रदेश में जातिवाद नहीं राष्ट्रवाद के आधार पर राजनीति होनी चाहिए।

Umesh TiwariTue, 19 Oct 2021 12:30 AM (IST)
उत्तर प्रदेश विधानसभा के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने अपने निर्वाचन पर सदन का आभार जताया।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश विधानसभा के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने अपने निर्वाचन पर सदन का आभार जताया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सांविधानिक पद को जाति से नहीं जोड़ना चाहिए। अब प्रदेश में जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद के आधार पर राजनीति होनी चाहिए। जातिवाद की राजनीति करने वालों को जनता ने सत्ता से हटाया है।

यूपी विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान से पहले नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा था कि नरेंद्र सिंह वर्मा को प्रत्याशी बनाकर सपा ने प्रदेश में कुर्मी समाज के सबसे बड़े नेता को उपाध्यक्ष पद के लिए आगे किया है। वहीं चुनाव नतीजे की घोषणा के बाद नरेंद्र सिंह वर्मा ने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष, संसदीय कार्य मंत्री, विधान परिषद में सभापति और नेता सदन का पद किसी दलित, पिछड़े या अल्पसंख्यक को मिलता तो सही मायने में सबका साथ, सबका विकास होता। नितिन इसी पर प्रतिक्रिया जता रहे थे।

नितिन अग्रवाल ने कहा कि चुनाव में मेरा समर्थन करने वाले सदस्यों को धन्यवाद। उन्हें भी धन्यवाद जो मेरा समर्थन करना चाहते थे लेकिन अपनी पार्टी के दबाव में ऐसा नहीं कर पाए। अपने नामांकन और निर्वाचन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष तौर पर आभार जताया। कहा कि उनका विशेष आशीर्वाद मुझे मिला। नितिन ने कहा कि मौका मिला तो वह नियमों के तहत सदन को संचालित करेंगे। उनका प्रयास होगा कि सभी सदस्यों को साथ लेकर सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाएं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि जो सदन में बैठे हैं, 18वीं विधानसभा में भी वे जीतकर आएं।

अध्यक्ष के नीचे उपाध्यक्ष हमारी वैदिक परिपाटी : विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने उपाध्यक्ष चुने जाने पर नितिन अग्रवाल को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संसदीय परिपाटी में उपाध्यक्ष चुने जाने की व्यवस्था हमारे संविधान में की गई है। अध्यक्ष और उसके नीचे उपाध्यक्ष की व्यवस्था हमारी पुरानी वैदिक परिपाटी में भी है। उपाध्यक्ष पद अपने आप में महत्वपूर्ण एवं दायित्वपूर्ण है। दीक्षित ने कहा कि विधानसभा के नए उपाध्यक्ष नितिन देश की सबसे बड़ी विधानसभा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष के पद पर चुने गए हैं। वह युवा सदस्य हैं। लगातार तीसरी बार विधानसभा के सदस्य चुने गए हैं। सरकार में राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार भी संभाल चुके हैं। आशा है कि वह अपने कार्यकाल में सदन की पुरानी परिपाटी को संजोए हुए नई संसदीय परंपराओं को स्थापित करने में सफल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने भी ट्वीट कर बधाई दी। लिखा कि विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित होने पर नितिन अग्रवाल को बहुत-बहुत बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।

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