National Lok Adalat: सबसे ज्यादा 20 लाख वादों का निस्तारण कर यूपी टॉप पर, 800 करोड़ की धनराशि का समायोजन भी

National Lok Adalat राष्ट्रीय लोक अदालत में यूपी में सर्वाधिक 20 लाख वादों का निस्तारण किया गया। 800 करोड़ रुपये की समझौता व अर्थदंड राशि का समायोजन भी कराया गया। 11 सितंबर को आयोजित की गई लोक अदालत में सबसे अधिक सुनवाई कर देश में यूपी शीर्ष पर रहा।

Vikas MishraTue, 21 Sep 2021 08:29 AM (IST)
यूपी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुताबिक, जुलाई में आयोजित लोक अदालत में यूपी पहले पायदान पर थी।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 20 लाख वादों का निस्तारण किया गया। यही नहीं 800 करोड़ रुपये की समझौता व अर्थदंड राशि का समायोजन भी कराया गया। बीती 11 सितंबर को आयोजित की गई लोक अदालत में सबसे अधिक सुनवाई कर देश में यूपी नंबर एक पर रहा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बीते जुलाई में आयोजित लोक अदालत में भी यूपी पहले पायदान पर थी। 

राजधानी में स्थित उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि प्री-लिटिगेशन वादों के रूप में बैंक वसूली के 76,669 वादों का निस्तारण करते हुए 417 करोड़ रुपये का समायोजन कराया गया। पावर कारपोरेशन के बिजली बिल से जुड़े 67,813 वादों का निस्तारण किया गया और करीब चार करोड़ रुपये की धनराशि का समायोजन कराया गया। वहीं श्रम न्यायालय के 83,888 वादों का निस्तारण करते हुए 18.51 करोड़ रुपये, मोटर दुर्घटना अधिनियम के अंतर्गत मोटर दुर्घटना अधिनियम के अन्तर्गत 4,590 वादों का निस्तारण करते हुए 164 करोड़ रुपये, चेक बाउंस के 3,128 वादों का निस्तारण करते हुए 30.24 करोड़ रुपये, राजस्व के 5,22,653 मुकदमों का निस्तारण करते हुए 18.16 करोड़ रुपये, समनीय अपराधों के कुल 3,91,413 वाद निस्तारित किए गए।

उप्र भू संपदा नियामक प्राधिकरण के कुल 75 वाद निस्तारित किए गए और 19.82 करोड़ रुपये का समायोजन किया गया। 1,64,23,35,608 का समायोजन, चेक बाउंस के 3128 वादों का निस्तारण करते हुये 30,24,65,322 रूपये का समायोजन एवं राजस्व के 522653 मुकदमों का निस्तारण करते हुये 18,16,12,122 रूपये का समायोजन किया गया। इस प्रकार लोक अदालत के दौरान कुल 20,39,843 वादों का निस्तारण करते हुए 800 करोड़ रुपये की धनराशि का समायोजन कराया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर दो अक्टूबर से 14 नवंबर तक देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। ऐसे में उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लोगों की विधिक सहायता करेगा और उन्हें प्राधिकरण के कार्यों के प्रति जागरूक करेगा। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगा।

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