यूपी टीईटी-2021 पेपर लीक कांड में कई और पर कसेगा कानूनी शिकंजा, पुलिस का सरगना तक पहुंचने का प्रयास

UP TET-2021 Paper Viral परीक्षा नियामक प्राधिकारी के निलंबित सचिव संजय उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद उनके साथ काम करने वाले कई विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी देखी जा रही है। उनसे पूछताछ भी की जा सकती है।

Dharmendra PandeyPublish:Fri, 03 Dec 2021 09:26 AM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 11:35 AM (IST)
यूपी टीईटी-2021 पेपर लीक कांड में कई और पर कसेगा कानूनी शिकंजा, पुलिस का सरगना तक पहुंचने का प्रयास
यूपी टीईटी-2021 पेपर लीक कांड में कई और पर कसेगा कानूनी शिकंजा, पुलिस का सरगना तक पहुंचने का प्रयास

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2021 का बीती 28 नवंबर को इंटरनेट मीडिया पर प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एसटीएफ और सख्त कार्रवाई करने की योजना में है। अब इस प्रकरण की जांच के घेरे में आए कई और आरोपितों पर जल्द कानूनी शिकंजा कसेगा।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी के निलंबित सचिव संजय उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद उनके साथ काम करने वाले कई विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी देखी जा रही है। उनसे पूछताछ भी की जा सकती है। इसके साथ ही एसटीएफ पहले आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद के अन्य साथियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। संजय उपाध्याय व राय अनूप की नोएडा के जिस पांच सितारा होटल में मुलाकात हुई थी, उसकी और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। आशंका है कि तब दोनों के साथ एक अन्य व्यक्ति भी होटल में मौजूद था।

यूपी टीईटी पेपर लीक कांड की जांच में एक के बाद एक नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि आरएसएम फिनसर्व कंपनी ने जिन चार अन्य कंपनियों को पेपर प्रिंट करने का काम बांटा था, उनके संचालकों के संपर्क में भी कई संदिग्ध थे। जिनके तार पेपर लीक कांड से जुड़े हैं। वहीं आरएसएम फिनसर्व का आनलाइन परीक्षा कराने का काम भी था, जिसके लिए कंपनी में एक साधारण कंप्यूटर लैब भी बनाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि संजय उपाध्याय छह वर्ष तक नोएडा में डायट में तैनात थे और उसी दौरान उसका राय अनूप प्रसाद से परिचय हुआ था। आशंका यही है कि सबसे पहले पेपर आरएसएम फिनसर्व से ही लीक हुआ था, लेकिन अभी यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है। एसटीएफ प्रिंटिंग प्रेस के कई कर्मचारियों की भी तलाश कर रही है। दूसरी ओर साल्वर गिरोह की भी छानबीन लगातार चल रही है।

एसटीएफ बढ़ा रही जांच का दायरा

बिहार से साल्वर भेजने वाले सरगना राजन की भी तलाश की जा रही है। एसटीएफ उन साल्वर को भी चिन्हित करने का प्रयास कर रही है, जिनसे परीक्षा से करीब एक माह पूर्व संपर्क किया गया था। वहीं पेपर लीक करने वाले गिरोह से जुड़े सदस्यों व साल्वर गिरोह के बीच के कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं। पेपर लीक मामले में एसटीएफ की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और राय अनूप प्रसाद व संजय उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जिनके आधार पर जल्द कई बड़े चेहरों के भी बेनकाब होने की उम्मीद जताई जा रही है।