यूपी इंस्टीट्यूट आफ फोरेंसिक साइंसेज में 131 पदों पर होगी भर्ती, अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे कोर्स

उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फोरेंसिक साइंसेज लखनऊ के संचालन के लिए 131 शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पदों का सृजन किए जाने के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र में कोर्स आरंभ किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

Umesh TiwariMon, 29 Nov 2021 10:45 PM (IST)
यूपी इंस्टीट्यूट आफ फोरेंसिक साइंसेज में 131 पदों पर भर्ती होगी और अगले शैक्षणिक सत्र से कोर्स शुरू हो जाएंगे।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फोरेंसिक साइंसेज, लखनऊ के संचालन के लिए 131 शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पदों का सृजन किए जाने के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र में कोर्स आरंभ किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में इंस्टीट्यूट की बोर्ड आफ गर्वनिंग बाडी की पहली बैठक में इंस्टीट्यूट में जून-जुलाई 2022 से डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही संस्थान के लिए मंजूर किए गए पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जल्द शुरू किए जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में इंस्टीट्यूट के डिप्टी डायरेक्टर के पदों पर आइपीएस अधिकारियों के स्थान पर फारेसिंक क्षेत्र के अधिकारियों व विज्ञानियों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इंस्टीट्यूट के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संवर्ग की योग्यता व चयन के लिए राष्ट्रीय विधि विज्ञान विश्वविद्यालय के मानकों और राज्य सरकार के नियमों के अनुरूप अलग नियमावली तैयार की जा रही है। प्रस्तावित नियमावली का ड्राफ्ट उपलब्ध कराने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। अगले वर्ष जून-जुलाई से इंस्टीट्यूट में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की तैयारी है।

जल्द संस्थान के लिए सृजित 131 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इन पदों पर प्रतिनियुक्ति सहित सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्तियां होंगी। इनमें आवश्यक पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया चल रही है। गर्वनिंग बाडी की दूसरी बैठक 10 दिसंबर को प्रस्तावित है, जिसमें पहली बैठक में लिए गए निर्णयों पर किए गए कार्याें की समीक्षा होगी। लोक भवन में आयोजित बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बोर्ड आफ गवर्निंग बाडी के उपाध्यक्ष डीजीपी मुकुल गोयल ने भी भाग लिया। गर्वनिंग बाडी में फोरेंसिक क्षेत्र के तीन विशेषज्ञ नामित करने के लिए राष्ट्रीय विधि विज्ञान विश्वविद्यालय से अनुरोध किए जाने का निर्देश भी दिया गया। बैठक में इंस्टीट्यूट के प्रथम बायलाज 2021 में प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उल्लेखनीय है कि डा.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ द्वारा इंस्टीट्यूट को 200 करोड़ रुपये की धनराशि बिना ब्याज के उपलब्ध कराने का समझौता हुआ था, जिसके तहत 50 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराए गए हैं। इंस्टीट्यूट के भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है। बैठक में सचिव, गृह बीडी पाल्सन, एकेटीयू के कुलपति विनीत कंसल, एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरडकर, एडीजी प्रशिक्षण डा. संजय एम तरडे, आइजी मोहित अग्रवाल के अलावा न्याय, वित्त, व प्राविधिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.