UP Lockdown Guidelines: कोरोना कर्फ्यू में आवश्यक वस्तुओं की जारी रहेगी आपूर्ति, जानें- क्या खुला क्या बंद...

योगी सरकार ने वीकेंड कोरोना कर्फ्यू यानी लॉकडाउन को 10 मई सुबह सात बजे तक बढ़ा दिया गया है।

UP Lockdown Guidelines बेकाबू कोरोना संक्रमण पर लगाम कसने के लिए सरकार अब धीरे-धीरे सख्ती बढ़ा रही है। साप्ताहिक बंदी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार की बंदी को 10 मई सुबह सात बजे तक के लिए बढ़ा दिया है।

Umesh TiwariWed, 05 May 2021 05:33 PM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में बेकाबू कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए योगी सरकार ने वीकेंड कोरोना कर्फ्यू यानी लॉकडाउन को 10 मई सुबह सात बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस दौरान आवश्यक सेवाएं और वस्तुओं की आपूर्ति पूर्व की भांति ही जारी रहेगी। कंटेनमेंट जोन में केवल डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था ही आपूर्ति होगी। इतना ही नहीं जिलों के भीतर और अन्य जिलों में आवागम के लिए जिला प्रशासन की तरफ से ई-पास जारी किया जाएगा। प्रदेश से बाहर की बस सेवा पर प्रतिबंध रहेगा। शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। इस नियम का पालन नहीं करने पर पहली एक हजार रुपये जुर्माना और दूसरी बार अधिकतम दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।

बेकाबू कोरोना संक्रमण पर लगाम कसने के लिए सरकार अब धीरे-धीरे सख्ती बढ़ा रही है। दो दिन की साप्ताहिक बंदी को तीन दिन और फिर पांच दिन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार की बंदी को 10 मई सुबह सात बजे तक के लिए बढ़ा दिया है। इस अवधि में स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए पूरी छूट रहेगी। औद्योगिक गतिविधियां, ई-कॉमर्स से संबंधित कार्य यथावत चलते रहेंगे।

वीकेंड कोरोना कर्फ्यू के दौरान राशन वितरण और टीकाकरण का कार्य सुचारु रूप से जारी रहेगा। ऐसे लोगों को रोका नहीं जाएगा। विशेष परिस्थितियों के लिए ई-पास की व्यवस्था लागू की गई है। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले मालवाहक वाहनों को पहले की तरह बिना रोक टोक के आने जाने की सुविधा होगी। बाजार, साप्ताहिक बाजार आदि बंद रहेंगे। दूध, सब्जी, परचून और मेडिकल स्टोर की दुकानें खुली रहेंगी। अस्पताल व अन्य चिकित्सीय संसथान खुले रहेंगे। इनमें काम करने वाले डॉक्टर्स व अन्य मेडिकल स्टाफ बिना रोक टोक आ जा सकेंगे। सभी स्थानों पर शारीरिक दूरी और मास्क, ग्लब्ज व सैनिटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है।

वीकेंड कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के लिए शासन ने ई-पास जारी करने की व्यवस्था बनाई है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से शासनादेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल-आवश्यक सेवाओं तथा वस्तुओं की आपूर्ति, परिवहन, मेडिकल, स्वास्थ्य तथा औद्योगिक इकाइयों में उपस्थिति, उद्योग संबंधी कार्य, ई-कॉमर्स ऑपरेशन, आपात चिकित्सा स्थिति वाले व्यक्ति, दूरसंचार सेवाएं, डाक सेवा, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया और इंटरनेट मीडिया से जुड़े व्यक्तियों को ई-पास से छूट मिलेगी।

यह भी पढ़ें : UP में COVID-19 की चेन तोड़ने के लिए बढ़ी सख्ती, टीम-9 को CM योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश...

वीकेंड कोरोना कर्फ्यू के दौरान सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कार्मचारी ही उपस्थित रहेंगे। शेष 50 प्रतिशत कार्मचारी शिफ्ट में कार्यालय बुलाए जाएंगे। सभी सरकारी कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की प्रदेश से बाहर की सेवा पर प्रतिबंध है। बसों में शारीरिक दूरी और मास्क व ग्लब्ज का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है।

लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने के लिए ई-पास जारी करने के फैसला लिया गया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आम लोग चिकित्सा सेवाओं को प्राप्त करने के लिए भी ई-पास के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति नहीं हो रही है तो वे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कर सकते हैं। ई-पास के लिए rahat.up.nic.in पर मौजूद लिंक rahat.up.nic.in/epaas के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : यूपी में 10 मई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, अब चार दिन और रहेगा कोरोना कर्फ्यू

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.