प्रदेश सरकार का अल्पसंख्यक बहुल गांव को विकसित करने पर फोकस, क्लस्टर बनाकर होंगे विकास कार्य

नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने विभाग की विभिन्न समस्याओं और मुद्दों को लेकर केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान नंदी ने वहां पर अल्पसंख्यक बहुल गांवों का क्लस्टर बनाकर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत कार्य कराने का प्रस्ताव रखा।

Dharmendra PandeySun, 05 Dec 2021 06:33 PM (IST)
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब अल्पसंख्यक बहुल गांवों का भी कायाकल्प करने के साथ उनको विकसित करने की भी बड़ी योजना बना रही है। इसमें प्रदेश सरकार को केन्द्र से बड़ी सहायता मिल रही है।

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने शनिवार को विभाग की विभिन्न समस्याओं और मुद्दों को लेकर केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान नंदी ने वहां पर अल्पसंख्यक बहुल गांवों का क्लस्टर बनाकर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत कार्य कराने का प्रस्ताव रखा। इस पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अल्पसंख्यक बहुल विकास खंडों एवं नगरीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ऊर्जा के प्रस्ताव के साथ साथ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सुविधाओं की स्थापना, फर्नीचर, शौचालय, बाउंड्री वाल आदि कार्य के लिए 1207.16 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। मंत्री ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव के कारण प्रस्तावित परियोजना के कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराना आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री नकवी ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत भेजे गए सभी प्रस्तावों को स्वीकार करने पर सहमति जता दी है।

इसके साथ ही साथ दूसरी योजनाओं की बची हुई धनराशि को भी नई परियोजनाओं में समायोजित करने पर भी सहमति दे दी है। नंदी ने छात्रवृत्ति योजनाओं में भी अधिक से अधिक धनराशि देने की मांग की। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि प्राइमरी स्कूलों में फर्नीचर खरीद प्रणाली बहुत जटिल है। अनावश्यक समय से बचने के लिए राज्य स्तर से जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद की अनुमति दी जाए। मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत मदरसा शिक्षकों के पिछले वर्षों का बकाया मानदेय मद में भी 477 करोड़ रुपये की धनराशि देने की मांग हुई। 

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